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13.3 करोड़ वोट काटकर कराया गया चुनाव अपराध, मोदी सरकार अवैध है”: राहुल गांधी

INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया ‘जनता का महाभियोग’; खड़गे ने गिनाए छह गंभीर मुद्दे, राहुल बोले—ज्ञानेश कुमार पद पर नहीं रहेंगे, विपक्ष के पास कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 1 नवंबर 2026

देश की राजनीति में चुनावी प्रक्रिया और सरकार की वैधता को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम काटकर चुनाव कराया गया। उन्होंने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, तो उस चुनाव की वैधता पर सवाल उठना लाजिमी है। राहुल गांधी ने सीधे कहा कि ऐसे चुनाव से बनी मोदी सरकार अवैध है।

शनिवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जनता का महाभियोग’ नाम से एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राजाजी मार्ग स्थित आवास पर हुआ। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कपिल सिब्बल, शशि थरूर, महुआ मोइत्रा, रेणुका चौधरी और छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा सहित कई विपक्षी नेता इसमें शामिल हुए।

राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव की वैधता पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची से 13.3 करोड़ नाम हटाए जाने का मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि हटाए गए मतदाताओं की संख्या विपक्ष और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच रहे लगभग तीन प्रतिशत के चुनावी अंतर से कहीं अधिक है।

राहुल गांधी के मुताबिक, हर सात में से एक मतदाता का नाम सूची से हटाया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इस प्रक्रिया से जुड़े लोगों पर देश के साथ विश्वासघात करने की बात कही।

राहुल ने कहा कि विपक्ष के पास ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने साफ कहा कि ज्ञानेश कुमार इस पद पर आगे नहीं बने रहेंगे।

खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ गिनाए छह मुद्दे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह प्रमुख मुद्दे उठाए। इनमें वोट चोरी को सुगम बनाने, मतदाता सूची से 13.2 करोड़ नाम हटाने और संसद की निगरानी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करने जैसे मुद्दे शामिल थे।

खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव आयोग की जवाबदेही का सवाल उठाया। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी योग्य नागरिक का वोट छिनने की गुंजाइश न रहे।

राहुल गांधी बोले—लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश हुई

राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री पर यह भी कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में शामिल होने के लिए लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई। भाजपा ने राहुल गांधी के इस बयान को झूठ बताया।

विपक्ष की यह रैली SIR, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव आयोग की भूमिका के मुद्दों पर आयोजित की जा रही है।

कपिल सिब्बल बोले—12 साल बाद विपक्ष को सुनवाई का मौका मिला

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से विपक्ष को संसद और दूसरी संस्थाओं में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की रैली जनता के भीतर सरकार के प्रति मौजूद असंतोष को सामने लाएगी।

रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री की जवाबदेही पर सवाल उठाए

कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संसद में जवाबदेही से बचने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आकर सवालों का जवाब नहीं देते। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर भाजपा की प्रतिक्रिया को भी खारिज किया।

महुआ मोइत्रा ने बंगाल में मुस्लिम और महिला मतदाताओं का मुद्दा उठाया

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हटाए गए मतदाताओं में 71 प्रतिशत मुस्लिम और 51 प्रतिशत महिलाएं हैं।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि मताधिकार से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

शशि थरूर और छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा भी शामिल

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण और सकारात्मक बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली रैली में भी यही भावना दिखाई देगी। उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई।

छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने भी कार्यक्रम का समर्थन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर अपने पद का इस्तेमाल एक राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के लिए करने की बात कही और उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

भाजपा ने बताया ‘मॉक संसद’, रविशंकर प्रसाद ने राहुल को घेरा

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के कार्यक्रम को ‘मॉक संसद’ बताते हुए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं का मजाक बनाने की बात कही। प्रसाद ने जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया पर भी टिप्पणी की और राहुल गांधी को इस्तीफा देने की चुनौती दी।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली

शनिवार को हुए ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम के बाद अब रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली होगी। राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने इस रैली को मतदाता अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही की लड़ाई से जोड़ा है।

राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव और उससे बनी मोदी सरकार की वैधता पर सीधा सवाल खड़ा किया है। विपक्ष का कहना है कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में हुए बदलावों का जवाब देश को मिलना चाहिए।

अब 1 नवंबर की रैली में यह मुद्दा और जोर से उठने की तैयारी है। चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची की पारदर्शिता और नागरिकों के वोट के अधिकार को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है।

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