राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 1 नवंबर 2026
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA bloc की बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित की गई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता सड़कों पर उतरे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने खुली बस में सवार होकर मिंटो रोड की ओर मार्च किया। इसके बाद सभी नेता रामलीला मैदान पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में समर्थक पहले से मौजूद थे।

खुले बस में निकले विपक्ष के दिग्गज
मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, CPI(M) महासचिव एम.ए. बेबी, CPI महासचिव डी. राजा और CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य सहित INDIA bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
रैली से पहले दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और समर्थक जुटने लगे थे। रामलीला मैदान के बाहर पोस्टर और बैनर लगाए गए। मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के आसपास भी बड़ी संख्या में लोग दिखाई दिए।
31 अक्टूबर को हुआ था प्रतीकात्मक जन-महाभियोग
इस रैली की पृष्ठभूमि में 31 अक्टूबर को आयोजित INDIA bloc का प्रतीकात्मक सार्वजनिक जन-महाभियोग कार्यक्रम रहा। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी। विपक्षी नेताओं ने हाथ उठाकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह आरोपों वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया, SIR के जरिए 13.39 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम किया। ये विपक्ष के आरोप हैं, जिन पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का संदेश
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि इस प्रदर्शन का संदेश स्पष्ट है—‘वोट बचाओ, देश बचाओ’। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि सरकार दबाव के जरिए लोगों की आवाज रोकना चाहती है, लेकिन राहुल गांधी और पार्टी कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली पहुंचने की बात कही।
भाजपा ने विपक्षी रैली पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने रामलीला मैदान की रैली को राजनीतिक नाटक बताते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी SIR का समर्थन करते हुए राहुल गांधी की आलोचना की।
इस तरह दिल्ली में रैली के दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची का मुद्दा विपक्ष और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहा।
दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
रैली को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध लगाए गए और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। रामलीला मैदान और आसपास के मार्गों पर पुलिस तथा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। प्रशासन ने लोगों को प्रभावित मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
अब चुनाव आयोग पर जवाबदेही का दबाव
INDIA bloc की इस रैली के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में बदलाव और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस को आगे बढ़ाया है। विपक्ष की मांग है कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और मतदाता सूची से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच हो।
दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान बताया है। अब इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष, SIR से जुड़े आंकड़े और अदालतों में चल रही कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
मतदाता सूची की शुद्धता और हर नागरिक के मतदान के अधिकार का सवाल अब देश की राजनीति के केंद्र में है।


