



अमेरिका और पश्चिम एशिया की राजनीति की निगाहें अब इजरायल पर टिकी हैं। चुनाव के बाद सत्ता का रास्ता किसी के लिए आसान नहीं है। बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, जबकि पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाला विपक्ष उन्हें हटाने के लिए नए राजनीतिक समीकरण बनाने में जुटा है। सबसे बड़ा मोड़ यह है कि अरब नेतृत्व वाले दलों ने नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्ष का साथ देने के संकेत दिए हैं। लेकिन क्या यह समर्थन नई सरकार बनाने के लिए भी पर्याप्त होगा? या राजनीतिक विरोधाभास इजरायल को एक बार फिर चुनाव की ओर धकेल देंगे?

अमेरिका और पश्चिम एशिया की राजनीति की निगाहें अब इजरायल पर टिकी हैं। चुनाव के बाद सत्ता का रास्ता किसी के लिए आसान नहीं है। बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, जबकि पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाला विपक्ष उन्हें हटाने के लिए नए राजनीतिक समीकरण बनाने में जुटा है। सबसे बड़ा मोड़ यह है कि अरब नेतृत्व वाले दलों ने नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्ष का साथ देने के संकेत दिए हैं। लेकिन क्या यह समर्थन नई सरकार बनाने के लिए भी पर्याप्त होगा? या राजनीतिक विरोधाभास इजरायल को एक बार फिर चुनाव की ओर धकेल देंगे?

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में सहयोगी NCP के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर बढ़ती नाराजगी अब दिल्ली तक पहुंच गई है। पार्टी के छह वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर संगठन की समस्याएं उनके सामने रखीं। इस मुलाकात में पार्टी की सामूहिक नेतृत्व व्यवस्था, मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी जैसे मुद्दे उठे। सूत्रों के मुताबिक, शाह ने नेताओं को साफ संदेश दिया कि वे अपनी कार्यशैली सुधारें और पार्टी संगठन को मजबूत करें, क्योंकि NCP की अंदरूनी खींचतान का असर पूरी महायुति सरकार पर पड़ रहा है।

जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत, पहले दिन 26.6% चढ़ा शेयर; ₹13.05 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बना

राष्ट्रीय/ जम्मू-कश्मीर | ABC NATIONAL NEWS | श्रीनगर | 28 सितंबर 2026 जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में सोमवार को एक बार फिर राज्य के दर्जे की