राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 13 अक्टूबर 2026
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। TMC ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के करीब पहुंचकर उन पर चाकू से हमले की कोशिश की गई। पार्टी ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए सवाल उठाया कि जब तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर ऐसी स्थिति सामने आ सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा? हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले की कोशिश के आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है।
ममता बनर्जी की सुरक्षा पर TMC ने उठाए सवाल
TMC नेताओं ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद एक महिला चाकू लेकर उनके करीब पहुंचने की कोशिश कर रही थी। पार्टी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। TMC का कहना है कि किसी भी राजनीतिक नेता की सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
डोला सेन ने पुलिस में शिकायत दी
मामले में TMC नेता और सांसद डोला सेन ने कोलकाता के कालीघाट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में महिला की पहचान तन्निष्ठा साहा के रूप में की गई है। आरोप है कि महिला चाकू लेकर ममता बनर्जी के करीब पहुंचने की कोशिश कर रही थी और उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह दावा भी किया गया कि महिला ने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी बताया था। इन आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
BJP पर साजिश की आशंका, लेकिन प्रमाण का इंतजार
TMC सांसद साकेत गोखले ने ममता बनर्जी को मिलने वाली Z+ श्रेणी की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और BJP की संभावित भूमिका को लेकर आशंका जताई। हालांकि, किसी राजनीतिक दल की संलिप्तता को लेकर अभी कोई स्वतंत्र रूप से पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। ऐसे में राजनीतिक आरोपों और जांच में स्थापित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
इस घटना के बाद अब कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। महिला ममता बनर्जी के करीब कैसे पहुंची? क्या सुरक्षा में कोई चूक हुई? शिकायत के आधार पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की? और क्या घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश थी? इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
ममता बनर्जी की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। TMC ने जहां इसे गंभीर सुरक्षा चिंता बताया है, वहीं घटना की वास्तविक परिस्थितियों, आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।



