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सिद्धारमैया युग का अंत, शिवकुमार का दौर शुरू, जी. परमेश्वर बने डिप्टी CM

राष्ट्रीय | महेंद्र सिंह | ABC NATIONAL NEWS | बेंगलुरु | 4 जून 2026

डीके शिवकुमार ने संविधान के साथ ली शपथ, 12 मंत्रियों ने भी संभाली जिम्मेदारी

कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव हुआ जब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में शिवकुमार ने हाथ में संविधान लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि 12 अन्य विधायकों ने मंत्री पद संभाला।

डीके शिवकुमार पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह राज्य की कमान संभालेंगे। सिद्धारमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। वे मई 2023 से मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस विधायक दल की 30 मई को हुई बैठक में शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया था।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह से पहले डीके शिवकुमार ने अपनी मां गौरम्मा का आशीर्वाद लिया और विभिन्न धर्मों के संतों से भी मुलाकात की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बी.एस. येदियुरप्पा से भी शिष्टाचार भेंट की।

नई सरकार में जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके अलावा 12 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया का नाम विशेष चर्चा में रहा। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जाएगा तथा चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद 18 जून के पश्चात मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार हो सकता है। पार्टी नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का अंतिम स्वरूप तय करेगा।

डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना कांग्रेस के उस सत्ता-साझेदारी फार्मूले का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सिद्धारमैया और शिवकुमार को ढाई-ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पद सौंपने की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। हालांकि नवंबर 2025 में सिद्धारमैया के ढाई वर्ष पूरे होने के बावजूद बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन आखिरकार मई 2026 में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लागू कर दिया गया।

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। कनकपुरा से विधायक शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय के प्रमुख चेहरे हैं और कांग्रेस संगठन में संकटमोचक के रूप में उनकी पहचान रही है। चुनावी रणनीति, संगठन प्रबंधन और राजनीतिक समन्वय में उनकी भूमिका को पार्टी के भीतर काफी अहम माना जाता है।

हालांकि शिवकुमार का राजनीतिक सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है। उनके खिलाफ कई आपराधिक और आर्थिक मामलों की जांच चल चुकी है। वर्ष 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और करीब 50 दिन तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे। इसके बावजूद वे कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में बने रहे और अब राज्य की सर्वोच्च राजनीतिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस की एकजुटता बनाए रखना, विकास परियोजनाओं को गति देना और 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की स्थिति मजबूत करना होगा। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि शिवकुमार के नेतृत्व में पार्टी राज्य में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।

संविधान हाथ में लेकर शपथ लेने की उनकी तस्वीरें अब पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं और इसे कांग्रेस की राजनीतिक एवं वैचारिक प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।

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