राष्ट्रीय/आस्था | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 28 जुलाई 2026
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आज से व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार 28 जुलाई से 12 अगस्त तक ट्रक, ट्रॉला, कैंटर, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के शहर तथा प्रमुख कांवड़ मार्गों पर प्रवेश पर रोक रहेगी। प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार, गौमुख, गंगोत्री और अन्य गंगाघाटों से पवित्र गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़ियों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी, साहिबाबाद और इंदिरापुरम सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में यातायात पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को परिस्थितियों के अनुसार अनुमति दी जा सकती है, जबकि अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
यातायात पुलिस के अनुसार दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहन तुलसी निकेतन, सीमापुरी बॉर्डर और आनंद विहार बॉर्डर से गाजियाबाद शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हरिद्वार, देहरादून, अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों को रोड नंबर-56, राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (एनएच-9), डासना इंटरसेक्शन, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई), गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा।
हापुड़, बुलंदशहर और मेरठ की ओर से आने वाले भारी वाहनों को डासना पुल, लाल कुआं और आत्माराम स्टील तिराहे से शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को एनएच-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए डायवर्ट किया जाएगा। वहीं लोनी बॉर्डर से लोनी कस्बे की ओर भी भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि कांवड़ियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जा सके।
इंदिरापुरम क्षेत्र में भी व्यापक प्रतिबंध लागू किए गए हैं। संतोष मेडिकल कट सिद्धार्थ विहार से मेरठ तिराहा, गौर ग्रीन कट, खोड़ा, कालापत्थर, सेक्टर-62, छिजारसी, कनावनी पुस्ता और एनएच-9 की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इसी प्रकार गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन रोड, मेरठ रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) तथा कांवड़ यात्रा से जुड़े अन्य प्रमुख मार्गों पर भी भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
हापुड़-भोजपुर क्षेत्र से आने वाले भारी वाहनों को मोदीनगर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा सौर ऊर्जा मार्ग से साहिबाबाद अंडरपास होते हुए साहिबाबाद स्टेशन कट और जीटी रोड की ओर वाहनों की आवाजाही भी अस्थायी रूप से बंद रहेगी। पुलिस ने इन मार्गों पर पहले से सूचना बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी है।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न बॉर्डर, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और यातायात कर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे मार्ग की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम से की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीमें (QRT), एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सहायता दल भी तैनात रहेंगे। भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्रशासन आवश्यकता के अनुसार तत्काल नए डायवर्जन लागू कर सकता है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें, जीपीएस या नेविगेशन ऐप पर उपलब्ध लाइव ट्रैफिक अपडेट देखें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले लोगों और लंबी दूरी के वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है, क्योंकि कांवड़ यात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहने की संभावना है।
हर वर्ष श्रावण मास में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों से करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार, गौमुख, गंगोत्री, ऋषिकेश, ब्रजघाट और गढ़मुक्तेश्वर जैसे गंगाघाटों से जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों तक पैदल यात्रा करते हैं। इसी विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने इस वर्ष भी विस्तृत ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र लागू किया है।




