अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | टोक्यो | 28 जुलाई 2026
जापान के दक्षिण-पश्चिमी मुख्य द्वीप क्यूशू (Kyushu) के कुमामोटो (Kumamoto) तट के पास मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। एजेंसी ने आशंका जताई है कि समुद्र में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे आया। इसका केंद्र कुमामोटो तट के समीप समुद्र में लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप की तीव्रता जापान के शिंदो (Shindo) भूकंपीय पैमाने पर अधिकतम स्तर 7 दर्ज की गई, जो बेहद तेज़ और विनाशकारी झटकों का संकेत माना जाता है।
भूकंप के तुरंत बाद एजेंसी ने क्यूशू और आसपास के तटीय इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की। सार्वजनिक प्रसारक एनएचके (NHK) के अनुसार कुछ क्षेत्रों में लगभग एक मीटर ऊंची लहरें दर्ज होने की शुरुआती जानकारी मिली है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां प्रशांत, फिलीपीन, यूरेशियन और उत्तर अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से मिलती हैं। इसी कारण यहां हर वर्ष सैकड़ों भूकंप आते हैं और वैश्विक भूकंपीय गतिविधियों का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा जापान में दर्ज किया जाता है।
हाल के वर्षों में भी जापान कई बड़े भूकंपों का सामना कर चुका है। 25 जून 2026 को उत्तरी जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था, हालांकि उसमें कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। वहीं अप्रैल 2026 में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 10 लोग घायल हुए थे और राजधानी टोक्यो तक ऊंची इमारतें हिल गई थीं। उस घटना के बाद जापानी सरकार ने एक सप्ताह तक बड़े भूकंप की आशंका को लेकर विशेष निगरानी और सतर्कता बरतने की सलाह जारी की थी।
मंगलवार के भूकंप के बाद रेलवे, बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियां और तटरक्षक बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से समुद्र तटों और नदी के मुहानों से दूर रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।




