अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/तेल अवीव | 4 जून 2026
मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन लेबनान पर हमलों से परेशान था : ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वीकार किया है कि उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था। ट्रम्प ने कहा कि वह नेतन्याहू का सम्मान करते हैं और उनके साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन लेबनान में इजराइली सैन्य हमलों से बेहद नाराज़ और परेशान थे। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि लेबनान में जारी हमलों ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और इससे शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “मुझे बीबी (नेतन्याहू) बहुत पसंद हैं और मैं उनके साथ बहुत अच्छे से काम करता हूं, लेकिन लेबनान पर हमलों को लेकर मैं परेशान था।”
दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत तथा संभावित युद्धविराम की कोशिशों पर लेबनान में इजराइली हमलों का असर पड़ रहा था। इसी कारण ट्रम्प ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए नेतन्याहू से फोन पर बात की और अपनी नाराज़गी जाहिर की।
रिपोर्टों के मुताबिक ट्रम्प ने बातचीत के दौरान नेतन्याहू से कहा कि ऐसी कार्रवाइयों के कारण दुनिया में इजराइल के प्रति नाराज़गी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार सैन्य हमलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और इससे उसके सहयोगियों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
इस बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज हो गया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने से कई लोग घायल हुए और उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। वहीं अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों और तेल परिवहन से जुड़े लक्ष्यों पर जवाबी कार्रवाई की है।
अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया, जबकि ईरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आत्मरक्षा और अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।
ट्रम्प ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि मौजूदा हालात के बावजूद अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने के सिद्धांत पर सहमत हो चुका है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक समझौता सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का यह बयान केवल व्यक्तिगत नाराज़गी नहीं बल्कि इजराइल को दिया गया एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश है। अमेरिका चाहता है कि क्षेत्रीय संघर्ष और न बढ़े तथा ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया पूरी तरह पटरी से न उतरे।
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच ट्रम्प और नेतन्याहू के बीच हुई यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बन गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, इजराइल और ईरान के कदम क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों की दिशा तय करेंगे।




