व्यापार/ अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | शंघाई | 28 जुलाई 2026
चीन की तकनीकी आत्मनिर्भरता (Tech Self-Reliance) की रणनीति अब उसके सरकारी बैंकों के लिए भी बड़े आर्थिक लाभ का सौदा बनती दिख रही है। चीन की प्रमुख मेमोरी चिप निर्माता चांगशिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज (CXMT) का बाजार मूल्य 3 ट्रिलियन युआन (करीब 443 अरब अमेरिकी डॉलर) के पार पहुंचने के बाद शुरुआती निवेश करने वाले सरकारी बैंकों को भारी कागजी मुनाफा होने का अनुमान है।
CXMT चीन की सबसे बड़ी DRAM (Dynamic Random Access Memory) चिप निर्माता कंपनी है और वैश्विक बाजार में दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics, SK Hynix तथा अमेरिका की Micron Technology जैसी दिग्गज कंपनियों को सीधी चुनौती दे रही है। कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, चीन के पांच बड़े सरकारी बैंक—इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC), चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक (CCB), एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना (ABC), बैंक ऑफ चाइना (BoC) और बैंक ऑफ कम्युनिकेशंस—अपनी सहायक निवेश कंपनियों (Asset Investment Companies-AICs) के जरिए CXMT में हिस्सेदारी रखते हैं।
चीन के वित्तीय नियमों के तहत वाणिज्यिक बैंक सीधे किसी कंपनी में इक्विटी निवेश नहीं कर सकते। इसलिए वे अपनी AIC इकाइयों के माध्यम से निवेश करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक (CCB) ने सबसे बड़ी हिस्सेदारी करीब 1.71 प्रतिशत खरीदी है, जबकि बैंक ऑफ चाइना की हिस्सेदारी लगभग 0.38 प्रतिशत है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि CXMT का बाजार मूल्य 3 ट्रिलियन युआन के आसपास बना रहता है तो केवल CCB को ही लगभग 41 अरब युआन का कागजी लाभ हो सकता है। यह बैंक के वर्ष 2025 के शुद्ध लाभ का लगभग 12 प्रतिशत माना जा रहा है। हालांकि फिलहाल यह लाभ केवल कागजों पर है, क्योंकि शुरुआती निवेशकों पर कम से कम 12 महीने की लॉक-इन अवधि लागू है और वे तुरंत अपने शेयर नहीं बेच सकते।
CXMT ने अपने आईपीओ में शेयर 8.66 युआन प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। मंगलवार को कंपनी का शेयर 47 युआन पर बंद हुआ, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य लगभग 3.14 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी बैंक केवल निवेशक ही नहीं बल्कि कंपनी के ऋणदाता भी हैं। इसे चीन में ‘डेट-इक्विटी कॉम्बिनेशन फाइनेंसिंग’ मॉडल कहा जाता है। इस व्यवस्था में बैंक पहले तकनीकी कंपनियों को कर्ज उपलब्ध कराते हैं और साथ ही अपनी निवेश इकाइयों के माध्यम से उनमें हिस्सेदारी भी खरीदते हैं। इससे बैंक को कंपनी की विकास क्षमता पर भरोसा मिलता है और निवेश तथा ऋण—दोनों से लाभ कमाने की संभावना बढ़ जाती है।
ICBC के एक अधिकारी के अनुसार, यदि किसी तकनीकी कंपनी की विकास संभावनाएं मजबूत दिखाई देती हैं तो बैंक उसे ऋण देने के साथ-साथ इक्विटी निवेश भी करता है। इससे बैंक के लिए जोखिम अपेक्षाकृत कम हो जाता है और कंपनी की सफलता का सीधा आर्थिक लाभ भी मिलता है।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि ऋण देने की प्रक्रिया के दौरान की गई विस्तृत जांच (Due Diligence) से बैंकों को कंपनी की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलती है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में चीन में यह मॉडल तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
अब चीन की एक अन्य प्रमुख मेमोरी चिप निर्माता यांग्त्ज़े मेमोरी टेक्नोलॉजीज (YMTC) भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, पांचों सरकारी बैंक उसमें भी शुरुआती निवेशक हैं। इससे संकेत मिलता है कि चीन की सरकार सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों का सक्रिय उपयोग कर रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि इन निवेशों से होने वाला संभावित लाभ केवल बैंकों की कमाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चीन की औद्योगिक नीति और तकनीकी आत्मनिर्भरता अभियान की सफलता का भी संकेत माना जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और हाई-टेक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश के बीच चीन के सरकारी बैंक पारंपरिक ऋण देने के बजाय रणनीतिक तकनीकी कंपनियों में इक्विटी निवेश को भी तेजी से बढ़ा रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन का सेमीकंडक्टर उद्योग इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो सरकारी बैंकों का यह शुरुआती निवेश आने वाले वर्षों में और अधिक मूल्यवान साबित हो सकता है।




