[the_ad id="179"]

GEN Z के बाद GEN ALPHA ने संभाली कमान… उज्जैन में बेटियों का सवाल—स्कूल 12 किमी दूर क्यों?

सराफा कन्या स्कूल शिफ्टिंग के विरोध में सैकड़ों छात्राओं का जोरदार प्रदर्शन, घंटों धरना; लिखित आश्वासन के बाद प्रशासन को फिलहाल रोकना पड़ा कदम

हिंदी सिनेमा की पहली नायिका से आज की अभिनेत्री तक: घूंघट से ग्लोबल मंच तक का सफर

भारतीय सिनेमा की कहानी केवल फिल्मों, सितारों और बॉक्स ऑफिस की कहानी नहीं है। यह उस समाज की बदलती तस्वीर भी है, जिसमें एक समय महिलाओं का फिल्मों में काम करना ही साहस माना जाता था और आज वही अभिनेत्री करोड़ों की फिल्मों की नायिका, निर्माता, निर्देशक, वैश्विक ब्रांड एंबेसडर और अंतरराष्ट्रीय मंच की पहचान बन चुकी है। फातिमा बेगम से लेकर देविका रानी, नरगिस, मधुबाला, मीना कुमारी, वहीदा रहमान, हेमा मालिनी, रेखा, श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, काजोल, तब्बू, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट तक का सफर दरअसल एक सदी में बदलती भारतीय महिला की कहानी है। कभी कैमरे के सामने आना सामाजिक वर्जनाओं को चुनौती देना था, आज कैमरे के पीछे की कमान संभालना भी अभिनेत्री के लिए उतना ही स्वाभाविक है।

आजादी की कुर्बानी से विकसित भारत के संकल्प तक, शफीक मेमोरियल स्कूल में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश

शफीक मेमोरियल स्कूल में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस पर विद्यार्थियों से कहा कि आजादी हमें अनगिनत बलिदानों के बाद मिली है, इसलिए इसे केवल उत्सव नहीं, जिम्मेदारी के रूप में समझना होगा। उन्होंने बच्चों से नशे, हिंसा और बुरी आदतों से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और मेहनत को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उनका संदेश था कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों का काम नहीं—हर विद्यार्थी का चरित्र, हर युवा की मेहनत और हर नागरिक की जिम्मेदारी ही विकसित भारत की असली नींव है।

AI से जुड़ी हिंसक कल्पनाओं के बीच भारतीय परिवार की दोहरी हत्या, अमेरिका में 17 वर्षीय किशोर पर मां-भाई की हत्या का आरोप

अमेरिका में भारतीय मूल के 17 वर्षीय किशोर पर अपनी मां और 14 वर्षीय भाई की हत्या का आरोप लगा है। जांच में उसके कथित तौर पर AI और इंटरनेट पर हिंसा से जुड़ी काल्पनिक सामग्री तैयार करने की बात सामने आई है, हालांकि AI और हत्या के बीच सीधा कारणात्मक संबंध अभी साबित नहीं हुआ है। यह घटना परिवार, स्कूल और तकनीकी प्लेटफॉर्मों के सामने बड़ा सवाल रखती है—जब युवा मानसिक तनाव या हिंसक विचारों से जूझें, तो AI उन्हें सिर्फ जवाब नहीं, सही समय पर मदद और सुरक्षा की दिशा कैसे दे?

89% रेलवे स्टेशन बुनियादी सुविधाओं में फेल, CAG की ऑडिट रिपोर्ट ने खोली व्यवस्था की पोल

CAG की ऑडिट रिपोर्ट ने रेलवे की बुनियादी सुविधाओं पर बड़ा सवाल खड़ा किया है—512 में 458 यानी 89% स्टेशनों पर जरूरी यात्री सुविधाओं की कमी मिली। पंखे, पीने का पानी, बैठने की जगह, शौचालय और प्लेटफॉर्म शेल्टर जैसी मूल जरूरतें कई स्टेशनों पर अब भी अधूरी हैं। आधुनिक ट्रेनें और भव्य स्टेशन जरूरी हैं, लेकिन रेलवे की असली कसौटी वह आम यात्री है जो प्लेटफॉर्म पर सुविधा और सम्मान के साथ अपनी ट्रेन का इंतजार करता है।

हॉस्टल में सो रही थीं छह छात्राएं, सांप ने डसा; तीन आदिवासी बच्चियों की मौत, NHRC ने लिया संज्ञान

गढ़चिरौली के आदिवासी छात्रावास में फर्श पर सो रही छह छात्राओं को सांप ने डस लिया, जिसमें तीन बच्चियों की मौत हो गई और तीन का इलाज जारी है। घटना पर NHRC ने स्वतः संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह हादसा सिर्फ सांप के डसने की त्रासदी नहीं, बल्कि छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल है। बच्चों को शिक्षा के साथ सुरक्षित आवास देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

अमेरिका के निशाने पर फिर भारत, चीन के टैरिफ बचाने में मदद का आरोप

अमेरिका की नई रिपोर्ट में भारत समेत 40 से अधिक देशों पर चीन के सामान को कथित तौर पर अमेरिकी टैरिफ से बचाने वाले ट्रांसशिपमेंट जोखिम का आरोप लगाया गया है, जिसमें पुणे-गुजरात-चेन्नई औद्योगिक बेल्ट का भी उल्लेख है। हालांकि सूची में शामिल होना भारत की संलिप्तता साबित नहीं करता, लेकिन इससे भारतीय निर्यातकों पर सप्लाई चेन, दस्तावेज और ‘Rules of Origin’ को लेकर जांच बढ़ सकती है। भारत के लिए यह चेतावनी भी है और अवसर भी—पारदर्शी व्यापार, मजबूत कस्टम निगरानी और घरेलू विनिर्माण को बढ़ाकर वैश्विक सप्लाई चेन में भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।

चीन-ब्राजील की नई अंतरिक्ष साझेदारी, दक्षिण अमेरिका में मौसम और आपदा चेतावनी को मिलेगी नई ताकत

चीन और ब्राजील की CBERS-5 अंतरिक्ष साझेदारी दक्षिण अमेरिका में मौसम निगरानी और प्राकृतिक आपदाओं की समय रहते चेतावनी को नई ताकत दे सकती है। 2030 में प्रस्तावित यह उपग्रह बाढ़, सूखा और तूफान जैसे खतरों की निगरानी में मदद करेगा। यह सहयोग सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि अंतरिक्ष तकनीक को सीधे मानव सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही, दक्षिण अमेरिका में चीन की तकनीकी और रणनीतिक मौजूदगी को भी इससे मजबूती मिल सकती है।