आस्था/ समाज सेवा/ दिल्ली NCR | ABC NATIONAL NEWS | फरीदाबाद | 1 नवंबर 2026
दिवाली का त्योहार केवल अपने घरों को रोशन करने और खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन परिवारों के जीवन में भी उजाला लाने का संदेश देता है, जिनके लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती होता है। इसी सामाजिक भावना को जमीन पर उतारते हुए ‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ ने दिवाली के अवसर पर फरीदाबाद के अशोका एन्क्लेव पार्ट-1, सेक्टर-34 में जरूरतमंद परिवारों के बीच सौर ऊर्जा से चलने वाले लैंप और कपड़ों का वितरण किया।
इस पहल के माध्यम से ट्रस्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सहायता पहुंचाने के साथ स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के इस्तेमाल का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों ने स्थानीय परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सौर ऊर्जा लैंप उपलब्ध कराए। साथ ही, लाभार्थियों को इन लैंपों को चार्ज करने, इस्तेमाल करने और उनकी देखभाल करने की जानकारी भी दी गई, ताकि वे लंबे समय तक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
दूसरों के जीवन में रोशनी लाने की प्रेरणा
इस सामाजिक पहल के पीछे राहुल सांवरिया की सेवा भावना और समाज के प्रति जिम्मेदारी की सोच भी महत्वपूर्ण रही। राहुल सांवरिया, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे वरिष्ठ नेता श्याम जाजू के सहयोगी हैं। उन्होंने श्याम जाजू से दूसरों के लिए जीने और समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहने की प्रेरणा ली है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ लगातार सेवा और सहयोग की भावना को सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
ट्रस्ट का मानना है कि त्योहारों की खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब समाज का कमजोर वर्ग भी उसमें सम्मान और प्रसन्नता के साथ शामिल हो सके। इसी उद्देश्य से इस बार दिवाली पर सौर ऊर्जा लैंप और कपड़ों का वितरण किया गया।
सौर ऊर्जा लैंप से मिलेगी रोशनी
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बिजली के वैकल्पिक इंतजाम करना कई बार मुश्किल होता है। इन्वर्टर और अन्य प्रकाश व्यवस्थाओं का खर्च हर परिवार नहीं उठा सकता। ऐसे में सौर ऊर्जा से चलने वाले लैंप उपयोगी विकल्प साबित हो सकते हैं। ये दिन में सूर्य की रोशनी से चार्ज होते हैं और रात में जरूरत के समय प्रकाश उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
इससे परिवारों को रोशनी का एक वैकल्पिक साधन मिलता है और बिजली पर निर्भरता भी कम हो सकती है। ट्रस्ट ने लाभार्थियों को लैंप के सही इस्तेमाल की जानकारी देकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सहायता केवल वस्तु वितरण तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे।
दिवाली दूसरों के जीवन में खुशियां लाने का अवसर’
इस अवसर पर ट्रस्ट के ट्रस्टी हरदयाल सांवरिया ने कहा, “दिवाली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं है, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां और रोशनी लाने का भी अवसर है। हमारा प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी सुरक्षित रोशनी के साथ दिवाली मना सकें। सौर ऊर्जा लैंप और कपड़ों का वितरण इसी सामाजिक भावना का हिस्सा है।”
उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव केवल बड़े प्रयासों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी पहल और आपसी सहयोग से भी आता है। यदि सक्षम लोग जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आएं, तो अनेक घरों की मुश्किलें कम की जा सकती हैं।
हरदयाल सांवरिया ने यह भी कहा कि ‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ भविष्य में सहयोगी नागरिकों और संस्थाओं के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम जारी रखेगा। ट्रस्ट की प्राथमिकता है कि सहायता सम्मानपूर्वक दी जाए और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को यह महसूस हो कि वह अकेला नहीं है।
चंपा और राघव का जताया आभार
कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले चंपा और राघव के प्रति ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने विशेष आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट ने कहा कि सामाजिक कार्यों में सहयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे सहयोग से ही सेवा के प्रयास अधिक परिवारों तक पहुंच पाते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से ट्रस्ट ने समाज के सक्षम नागरिकों और संस्थाओं से भी अपील की कि वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आएं। उद्देश्य है कि सेवा, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से अधिक से अधिक घरों तक रोशनी और खुशियां पहुंचाई जा सकें।
‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ की यह पहल दिवाली के संदेश को सार्थक करती है—खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और रोशनी तभी मायने रखती है, जब वह किसी जरूरतमंद के घर तक भी पहुंचे।
एक हाथ सब साथ ट्रस्ट
सेवा, सहयोग और जनकल्याण के लिए समर्पित
संपर्क: 7532992481, 9560072323


