खेल | ABC NATIONAL NEWS | सैन इसिद्रो, अर्जेंटीना | 13 अगस्त 2026
अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना की मौत से जुड़े मुकदमे में एक गवाह ने मंगलवार को अदालत में दावा किया कि उनकी मौत से पहले घर पर चल रहे इलाज के दौरान कई चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज किया गया था। माराडोना का निधन नवंबर 2020 में हुआ था।
घर पर इलाज के दौरान बिगड़ी थी हालत
अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान गवाह ने कहा कि माराडोना की हालत में ऐसे संकेत दिखाई दे रहे थे, जिन पर स्वास्थ्यकर्मियों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए था। आरोप है कि घर पर उनकी निगरानी और चिकित्सा देखभाल के दौरान इन संकेतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
माराडोना की मौत के बाद उनकी चिकित्सा देखभाल को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी मामले में अब अर्जेंटीना की अदालत यह तय करने की कोशिश कर रही है कि चिकित्सा संबंधी लापरवाही ने उनकी मौत में कोई भूमिका निभाई थी या नहीं।
सात स्वास्थ्यकर्मी कटघरे में
माराडोना की मौत से जुड़े संभावित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में सात स्वास्थ्यकर्मियों पर मुकदमा चल रहा है। यह सुनवाई अप्रैल 2026 के मध्य से जारी है।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि माराडोना को पर्याप्त चिकित्सा निगरानी और जरूरी उपचार नहीं मिला। हालांकि, अदालत को अभी यह तय करना है कि आरोपित स्वास्थ्यकर्मियों की कार्रवाई या कथित चूक का माराडोना की मौत से कानूनी रूप से कितना संबंध था।
2020 में हुई थी माराडोना की मौत
डिएगो माराडोना की मृत्यु 25 नवंबर 2020 को 60 वर्ष की उम्र में हुई थी। उनकी मौत ने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया था। अर्जेंटीना के लिए 1986 विश्व कप जीतने वाले माराडोना को फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है।
अब अदालत में उठ रहा बड़ा सवाल
इस मुकदमे में मुख्य सवाल यह है कि क्या माराडोना की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के संकेत समय रहते पहचान लिए गए थे और क्या उनकी जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए?
गवाहों की गवाही और चिकित्सा रिकॉर्ड के आधार पर अदालत अब यह निर्धारित करेगी कि उपचार में कथित लापरवाही हुई थी या नहीं और यदि हुई, तो क्या उसका माराडोना की मौत में योगदान था।




