राष्ट्रीय/ महाराष्ट्र | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 27 सितंबर 2026
IIT-Bombay के B.Tech छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। साहिल के माता-पिता रविंद्र वाकोडे और सोनाली वाकोडे ने कहा है कि उन्हें IIT-Bombay के पवई परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। परिवार ने अब 28 सितंबर से मुंबई के आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। माता-पिता ने संस्थान के छात्रों से भी आंदोलन में साथ देने और साहिल से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज, संदेश या सबूत को सुरक्षित रखने की अपील की है।
20 वर्षीय साहिल की 18 सितंबर को IIT-Bombay परिसर में मौत हुई थी। वह B.Tech के दूसरे वर्ष के छात्र थे। उनकी मौत से पहले वह एक परीक्षा में शामिल हुए थे, जहां मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था। इसके बाद साहिल परीक्षा हॉल से बाहर चले गए थे और बाद में हॉस्टल के कमरे में उनकी मौत की जानकारी सामने आई। घटना के बाद परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। वहीं संस्थान की ओर से कहा गया था कि साहिल ने प्रशासन या SC-ST सेल में ऐसी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। मामले की जांच मुंबई पुलिस की Crime Branch कर रही है।
साहिल के पिता का कहना है कि उन्होंने IIT-Bombay परिसर में जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने छात्रों के बीच एक संदेश जारी कर आज़ाद मैदान में आंदोलन की घोषणा की। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य अपने बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय कराना है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि अगर किसी के पास साहिल से जुड़ी कोई बातचीत, दस्तावेज, संदेश या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी है तो उसे सुरक्षित रखें, ताकि जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके।
परिवार का यह भी कहना है कि साहिल ने उन्हें कैंपस में जातिगत टिप्पणियों और भेदभाव की शिकायत बताई थी। पिता के मुताबिक साहिल ने पहले इस बारे में परिवार से बात की थी, लेकिन उस समय उन्होंने बेटे को पढ़ाई पर ध्यान देने और ऐसी बातों को नजरअंदाज करने की सलाह दी थी। अब परिवार का कहना है कि उन्हें उस शिकायत को अधिक गंभीरता से लेना चाहिए था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
मामले में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल का मुद्दा भी सामने आया है। IIT-Bombay की शुरुआती जानकारी के अनुसार साहिल ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को AI प्लेटफॉर्म पर डालकर उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी कार्रवाई की गई। साहिल के परिवार का कहना है कि परीक्षा में वास्तव में क्या हुआ और उसके बाद क्या-क्या घटनाएं हुईं, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। परिवार चाहता है कि परीक्षा से लेकर साहिल की मौत तक की पूरी घटनाक्रम को एक साथ देखा जाए।
साहिल के परिवार की शिकायत पर एक प्रोफेसर के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है और मामले में SC/ST Act के प्रावधान लगाए गए हैं। संबंधित प्रोफेसर परीक्षा के दौरान निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साहिल की मौत से पहले क्या घटनाएं हुईं और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य मौजूद हैं। फिलहाल जांच जारी है और किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अंतिम रूप से अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
साहिल की मौत के बाद IIT-Bombay परिसर में छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया है। छात्रों ने संस्थान के मुख्य द्वार पर छात्र-शिक्षक संबंधों की संवेदनशीलता और इस सवाल पर चर्चा की कि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर खुद को अनसुना क्यों महसूस करते हैं। साहिल की मौत ने छात्र सुरक्षा, शिकायत व्यवस्था और संस्थान में विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने की व्यवस्था पर बहस को तेज कर दिया है।
इस मामले में कई सवाल अभी भी जांच के सामने हैं। परीक्षा हॉल में वास्तव में क्या हुआ था? साहिल और परीक्षा की निगरानी कर रहे शिक्षक के बीच क्या बातचीत हुई? परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों की क्या पुष्टि होती है? संस्थान को साहिल की किसी परेशानी की जानकारी थी या नहीं? और उनकी मौत से पहले के आखिरी घंटों में क्या-क्या हुआ? इन सवालों के जवाब जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होंगे।
साहिल की मौत ने IIT जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र सुरक्षा, शिक्षक-छात्र संबंध, शिकायत व्यवस्था और पढ़ाई के दबाव को लेकर भी व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। परिवार अब सार्वजनिक रूप से अपनी आवाज उठा रहा है, जबकि संस्थान और पुलिस की ओर से मामले से जुड़े अलग-अलग तथ्य सामने रखे गए हैं। ऐसे में पूरी घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और उपलब्ध डिजिटल, दस्तावेजी तथा अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
अब 28 सितंबर से आज़ाद मैदान में प्रस्तावित आंदोलन पर नजर रहेगी। साहिल के माता-पिता जांच को आगे बढ़ाने और अपनी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, Crime Branch मामले की जांच कर रही है। साहिल की मौत से जुड़े सवालों का अंतिम जवाब आरोपों या विरोध के बजाय जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगा।



