राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 अगस्त 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में आंदोलनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर उन्होंने गृह मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जब किसी आदमी में सच बोलने की हिम्मत नहीं होती, तो उसकी चुप्पी बोलती है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि अमित शाह की चुप्पी ही उनका “कबूलनामा” है और वह करीब 20 दिनों से सदन से दूर हैं।
‘छात्रों को भाषण नहीं, जवाब चाहिए’
राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छात्रों और देश को गृह मंत्री का भाषण नहीं, बल्कि इन सवालों के जवाब चाहिए कि दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया, गोली चलाने का आदेश किसने दिया और कथित तौर पर कील लगी लाठियों के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश सीधे गृह मंत्रालय से आया था और इसी आधार पर उन्होंने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
अमित शाह पर व्यक्तिगत हमला
राहुल गांधी ने आगे कहा कि “अमित शाह में संसद आने की हिम्मत ही नहीं है” और आरोप लगाया कि वह पिछले 20 दिनों से सदन में नहीं आए हैं। उन्होंने अमित शाह की सुरक्षा व्यवस्था और काफिले को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
राहुल ने कहा कि अमित शाह की “इमेज का गुब्बारा फट चुका है” और अब उसमें जबरन हवा भरने की कोशिश की जा रही है।
मीडिया पर भी राहुल का निशाना
राहुल गांधी ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया उनसे लगातार सवाल करता है और उन्हें टोकता है, लेकिन अमित शाह के सामने चुप रहता है।
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से छात्र नहीं डर रहे हैं, तो मीडिया को भी उनसे डरना बंद कर देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि छात्रों पर लाठी, पैलेट गन और एके-47 के इस्तेमाल के आरोप हैं, तो इसके लिए सरकार की जवाबदेही तय क्यों नहीं होनी चाहिए।
आरोपों पर सरकार का पक्ष जरूरी
राहुल गांधी के बयान में लगाए गए आरोप राजनीतिक हैं और इन पर केंद्र सरकार तथा गृह मंत्रालय का पक्ष अलग से महत्वपूर्ण होगा। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश, हथियारों के इस्तेमाल और गृह मंत्रालय की कथित भूमिका जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
सियासी संदेश साफ है: छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने अब सीधे गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है और संसद के भीतर इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग तेज कर दी है।




