राष्ट्रीय/शिक्षा | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 16 मई 2026
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है और करोड़ों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। राहुल गांधी ने शनिवार को जारी एक वीडियो बयान में कहा कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर पेपर बांटे जाने की बातें सामने आईं, लेकिन शिक्षा मंत्री ने जिम्मेदारी लेने के बजाय खुद को इससे अलग बताया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि संसद की संबंधित समिति ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर कई अहम सिफारिशें दी थीं, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। राहुल गांधी ने कहा, “संसदीय समिति की रिपोर्ट को सिर्फ इसलिए कूड़ेदान में डाल दिया गया क्योंकि उसमें विपक्ष के सदस्य थे। यह सरकार की गंभीरता को दिखाता है।”
राहुल गांधी ने बीजेपी और RSS पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में “सत्ता संरक्षित गठजोड़” बन गया है, जिसने विश्वविद्यालयों और संस्थानों को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योग्यता और अनुभव की जगह राजनीतिक निष्ठा को महत्व दिया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता कमजोर हुई है।
उन्होंने कहा, “देश के करोड़ों युवा दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन भ्रष्ट सिस्टम उनके सपनों को बर्बाद कर देता है। पिछले कुछ वर्षों में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है।”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि अगर सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है तो या तो धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत हटाया जाए या फिर प्रधानमंत्री खुद इसकी जवाबदेही लें। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
इस बीच NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। दिल्ली समेत कई राज्यों में NSUI, यूथ कांग्रेस और अन्य छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर NTA और केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कई जगहों पर छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आई हैं।
उधर, CBI ने जांच तेज करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें शिक्षा माफिया, कोचिंग नेटवर्क और तकनीकी माध्यमों के इस्तेमाल की जांच की जा रही है। हाल ही में एक बायोलॉजी विशेषज्ञ और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की “भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था” ने छात्रों के सपनों को कुचल दिया है। खरगे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि अब “पानी सिर के ऊपर जा चुका है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET विवाद अब केवल परीक्षा घोटाले तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष इसे युवाओं की नाराजगी और शिक्षा व्यवस्था की विफलता के प्रतीक के रूप में पेश कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार पर पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।




