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WATCH VIDEO — नफ़रत का विज्ञापन: BJP असम के वीडियो में मुसलमानों पर ‘पॉइंट-ब्लैंक’ गोलीबारी, डिलीट कर बचने की नाकाम कोशिश

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 8 फरवरी 2026

Indian National Congress ने असम में Bharatiya Janata Party पर खुली नफ़रत और सुनियोजित हिंसा भड़काने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के आधिकारिक असम प्रदेश सोशल मीडिया हैंडल से साझा किया गया वीडियो अल्पसंख्यकों की टार्गेटेड, पॉइंट-ब्लैंक हत्या को महिमामंडित करता दिखाई देता है। पार्टी ने इसे “घिनौना, खतरनाक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सीधा ख़तरा” बताते हुए कहा कि यह किसी ट्रोल की हरकत नहीं, बल्कि संगठित हिंसा और जनसंहार का खुला आह्वान है।

कांग्रेस के मुताबिक जैसे ही इस वीडियो को लेकर जनाक्रोश बढ़ा, उसे चुपचाप डिलीट कर दिया गया। पार्टी ने इसे सत्ता की कायरता और अपराध-बोध का प्रमाण बताते हुए कहा कि अगर सरकार और बीजेपी में ज़रा भी नैतिक साहस होता, तो वे सार्वजनिक रूप से सामने आकर जवाब देते, बिना शर्त माफ़ी मांगते और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करते। इसके बजाय सबूत मिटाकर भागने का रास्ता अपनाया गया।

कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह घटना राज्य-प्रायोजित नफ़रत की राजनीति का नतीजा है। पार्टी का आरोप है कि दशकों से पनपी फासीवादी मानसिकता को बीते 11 वर्षों में सत्ता के संरक्षण में सामान्य बनाने की कोशिश की गई—और अब वही सोच खुले तौर पर हिंसा के आह्वान में तब्दील हो चुकी है।

कांग्रेस ने दो टूक कहा, “नफ़रत का यह ज़हर असम को नहीं, बल्कि इसे फैलाने वालों को ही ले डूबेगा। असम को हम भाजपा/संघ की हिंसा, ज़हर और विभाजन की राजनीति का शिकार नहीं बनने देंगे।” पार्टी ने स्पष्ट किया कि समाज में डर और घृणा फैलाने की किसी भी कोशिश को सड़कों से लेकर अदालत तक सख़्ती से चुनौती दी जाएगी।

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उसे प्रधानमंत्री से न तो निंदा की उम्मीद है और न ही जवाबदेही की। ऐसे हालात में अब न्यायपालिका का सख़्त, स्वतंत्र और तत्काल हस्तक्षेप अनिवार्य है। कांग्रेस ने मांग की कि इस वीडियो के निर्माण, प्रसार और संरक्षण से जुड़े हर व्यक्ति पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि देश की शांति, सामाजिक सौहार्द और संविधान की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोहराया कि खुले तौर पर हिंसा का आह्वान करने वालों के खिलाफ़ सबसे सख़्त कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसकी लड़ाई नफ़रत के खिलाफ़, संविधान के पक्ष में और देश को जोड़ने की है—“जोड़ो जोड़ो, भारत जोड़ो।”

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