[the_ad id="179"]
Home » National » TMC की बाबरी बरसी रैली पर सियासी तूफ़ान—बीजेपी बोली, ‘तुष्टिकरण की कोशिश’, ममता देंगी बड़ा संदेश

TMC की बाबरी बरसी रैली पर सियासी तूफ़ान—बीजेपी बोली, ‘तुष्टिकरण की कोशिश’, ममता देंगी बड़ा संदेश

साजिद अली | कोलकाता 21 नवंबर 2025

बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा कोलकाता में आयोजित की जा रही मेगा रैली ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होंगी और उनके संबोधन पर पूरे देश की नज़र रहेगी। TMC ने इस रैली को “शांति, सौहार्द और संविधान की रक्षा” के नाम पर आयोजित करने का दावा किया है, लेकिन इसके ऐलान के तुरंत बाद ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे “एक समुदाय को खुश करने की राजनीतिक कोशिश” करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

TMC नेताओं का कहना है कि बाबरी विध्वंस केवल एक धार्मिक घटना नहीं थी, बल्कि भारत के संवैधानिक ढांचे, न्यायिक प्रक्रिया और सामाजिक सद्भाव पर गहरा आघात था। पार्टी का दावा है कि इस रैली का मकसद विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ आवाज उठाना, धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को दोहराना और यह संदेश देना है कि पश्चिम बंगाल किसी भी तरह की साम्प्रदायिकता को जगह नहीं देगा। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी अपने भाषण में “देश के माहौल, धार्मिक ध्रुवीकरण, केंद्र की नीतियों और एकता” पर बड़ा संदेश देंगी।

दूसरी ओर, बीजेपी ने इस रैली की समय-सारणी और विषय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि TMC जानबूझकर बाबरी विध्वंस की बरसी को “राजनीतिक हथियार” बना रही है और एक विशेष समुदाय का तुष्टिकरण करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि TMC राज्य में मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रही है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उनका दावा है कि अगर भाजपा किसी धार्मिक मुद्दे पर कार्यक्रम करे, तो TMC उसे साम्प्रदायिक करार दे देती है, जबकि खुद वही राजनीति कर रही है।

इस विवाद के बीच, कोलकाता पुलिस बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था में जुट गई है। रैली में भारी भीड़ की उम्मीद है, खासकर शहर और आसपास के कई जिलों से TMC समर्थक जुटेंगे। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया है और किसी भी संभावित विवाद या तनाव से निपटने के लिए विशेष निगरानी टीम बनाई गई है। रैली के दौरान ट्रैफिक में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली TMC की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पार्टी खुद को धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव के मुख्य ध्रुव के रूप में पेश करना चाहती है। वहीं बीजेपी इस मुद्दे को राज्य में “धर्म आधारित ध्रुवीकरण” के एक और उदाहरण के रूप में चुनावी राजनीति से जोड़कर देख रही है। इससे पहले भी दोनों पार्टियाँ नागरिकता कानून, राम मंदिर, NRC और अल्पसंख्यक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर आमने-सामने आ चुकी हैं।

बाबरी विध्वंस की बरसी पर TMC की यह मेगा रैली अब केवल एक कार्यक्रम नहीं रह गई है—यह पश्चिम बंगाल की भविष्य की राजनीति, राष्ट्रीय विपक्ष की रणनीति और BJP–TMC टकराव के नए अध्याय का प्रतीक बन गई है। आने वाले दिनों में इस रैली के राजनीतिक प्रभाव और ममता बनर्जी के भाषण के संदेश को लेकर पूरे देश में बहस होना तय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *