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हॉर्मुज़ संकट से वैश्विक खाद्य आपदा का खतरा—FAO की चेतावनी, सप्लाई रुकी तो बढ़ेगी भूख और महंगाई

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | रोम/तेहरान | 15 अप्रैल 2026

मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध का असर अब सीधे दुनिया की थाली तक पहुंचने लगा है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी FAO ने चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में लंबे समय तक बाधा बनी रही, तो दुनिया को “खाद्य आपदा” का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस अहम समुद्री रास्ते से सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि उर्वरक, अनाज और कृषि से जुड़े जरूरी इनपुट्स की बड़ी खेप गुजरती है। मौजूदा तनाव और रुकावटों के कारण ये सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों में खेती और खाद्य उत्पादन पर संकट गहराने लगा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की लंबी रुकावट का मतलब होगा—ईंधन महंगा, परिवहन महंगा और अंततः खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज उछाल। इससे खासकर गरीब और विकासशील देशों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

FAO ने साफ किया है कि उर्वरकों की कमी और सप्लाई चेन में बाधा का असर आने वाले महीनों में फसल उत्पादन पर पड़ेगा। अगर समय रहते हालात सामान्य नहीं हुए, तो वैश्विक स्तर पर खाद्य संकट और भूख की समस्या तेजी से बढ़ सकती है।

मौजूदा हालात में पहले से ही महंगाई, युद्ध और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रही दुनिया के लिए यह एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। कई देशों में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और सरकारें वैकल्पिक सप्लाई रूट तलाशने में जुटी हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह संकट केवल ऊर्जा या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे मानव जीवन से जुड़ा हुआ मुद्दा बन चुका है। अगर हॉर्मुज़ में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका असर आने वाले महीनों में वैश्विक खाद्य व्यवस्था पर साफ दिखेगा। स्पष्ट है कि ईरान युद्ध अब बहुआयामी संकट बन चुका है—जहां गोलियों की आवाज के साथ-साथ भूख का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है।

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