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UPI चार्ज पर तेजस्वी का मोदी सरकार पर हमला: ‘हर कदम पर शुल्क, फिर इसे Digital India कहते हैं?’

राष्ट्रीय/व्यापार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 सितंबर 2026

UPI से लेकर ATM तक शुल्क का मुद्दा उठाया

₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट भुगतान पर MDR लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ राजनीतिक हमला तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़े अलग-अलग शुल्क पहले से मौजूद हैं, तो UPI जैसी डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर भी शुल्क लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में UPI चार्ज के साथ बैंक में पैसा रखने, ATM से नकद निकालने, ATM कार्ड, SMS अलर्ट और न्यूनतम बैलेंस जैसे बैंकिंग शुल्कों का उल्लेख किया। उन्होंने Direct और Indirect Tax, GST, टोल टैक्स, रोड टैक्स और विभिन्न Cess का भी जिक्र करते हुए सरकार की कर नीति पर सवाल उठाए।

उनका आरोप है कि एक तरफ सरकार Digital India और Cashless Economy को अपनी उपलब्धि बताती है और दूसरी तरफ डिजिटल भुगतान के इकोसिस्टम में शुल्क की नई व्यवस्था ला रही है।

15 अक्टूबर से नई MDR व्यवस्था

केंद्र सरकार ने 14 सितंबर को अधिसूचना जारी की और 15 सितंबर को UPI के लिए नया MDR ढांचा सामने आया। इसके तहत ₹2,000 से अधिक के सामान्य Person-to-Merchant यानी P2M UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने वाली है। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।
यहीं से विवाद की असली शुरुआत हुई है।

सरकार कह रही- ग्राहक से UPI शुल्क नहीं लिया जाएगा

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया MDR सीधे ग्राहक पर लगाया गया UPI शुल्क नहीं है। सरकार के मुताबिक व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी P2P UPI भुगतान किसी भी राशि पर मुफ्त रहेगा, जबकि ₹2,000 तक के P2M भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा। सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में रोजमर्रा के छोटे UPI भुगतान इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे।

सरकार का तर्क है कि UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक सुरक्षित और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखने के लिए राजस्व व्यवस्था जरूरी है।

पेट्रोल पंपों पर ₹5 का अलग प्रावधान

ईंधन, रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और कुछ अन्य आवश्यक क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। ₹2,000 से अधिक के पात्र लेन-देन पर ₹5 प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। पेट्रोल पंप डीलरों ने इसी शुल्क का विरोध करते हुए बड़े UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की चेतावनी दी है।

यानी सरकार के सामने अब सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि व्यापारियों की व्यावहारिक आपत्ति भी है।

मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

UPI MDR का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अधिवक्ता अंजन दत्ता ने केंद्र की 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर के MDR फ्रेमवर्क को चुनौती देते हुए PIL दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि शुल्क व्यवस्था पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श के बिना लाई गई। याचिकाकर्ता ने इसके लागू होने पर रोक लगाने की मांग भी की है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस समय तक इस याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

तेजस्वी का नोटबंदी से UPI तक हमला

तेजस्वी यादव ने अपने हमले को सिर्फ MDR तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने नोटबंदी के दौरान सरकार की ओर से किए गए दावों को भी याद दिलाया और सवाल उठाया कि भ्रष्टाचार, कालेधन और आतंकवाद पर नोटबंदी के घोषित लक्ष्यों का क्या परिणाम रहा।

उन्होंने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी दबाव और बड़े कारोबारी हितों के सामने झुकती है। ये तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं; इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र निष्कर्ष इस रिपोर्ट में नहीं निकाला जा रहा है।

‘Digital India’ पर अब बड़ी बहस

UPI भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का सबसे प्रमुख हिस्सा बन चुका है। इसलिए MDR का मुद्दा महज एक बैंकिंग शुल्क का मामला नहीं रह गया है। सवाल अब यह है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मुफ्त बनाए रखना ज्यादा जरूरी है या उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा की लागत निकालने के लिए मर्चेंट इकोसिस्टम में शुल्क लाना?

सरकार आर्थिक स्थायित्व और UPI की सुरक्षा का तर्क दे रही है। विपक्ष और कुछ कारोबारी समूह लागत के संभावित असर पर सवाल उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका ने इस विवाद को कानूनी मोर्चे पर भी पहुंचा दिया है।

UPI को भारत की डिजिटल क्रांति की पहचान बनाने के बाद अब सरकार का नया MDR मॉडल कितना टिकाऊ साबित होगा—इसका जवाब 15 अक्टूबर के बाद जमीनी असर और अदालत की सुनवाई, दोनों से सामने आएगा।

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