मनोरंजन/राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 सितंबर 2026
अभिनेत्री मंदाकिनी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ अपनी वर्षों पुरानी चर्चित तस्वीर को लेकर पहली बार विस्तार से सफाई दी है। लंबे समय से इस तस्वीर को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें लगती रही हैं। मंदाकिनी ने अब कहा है कि तस्वीर उस समय की है जब वह एक शो के सिलसिले में दुबई गई थीं और वहां क्रिकेट मैच देखने पहुंची थीं। उनका कहना है कि वह दाऊद से मिलने के लिए दुबई नहीं गई थीं और न ही उन्हें दाऊद ने किसी खास मुलाकात के लिए बुलाया था। उनके मुताबिक उस समय स्टेडियम में कई लोग मौजूद थे और उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वहां खिंची एक तस्वीर आने वाले वर्षों में इतनी बड़ी चर्चा का विषय बन जाएगी।
ANI को दिए एक इंटरव्यू में मंदाकिनी ने उस पूरे घटनाक्रम को याद करते हुए बताया कि वह पेशेवर काम के सिलसिले में दुबई गई थीं। इसी दौरान वह क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं। उनके मुताबिक वहां कई लोग बैठे हुए थे और वह भी वहां मौजूद थीं। उसी दौरान दाऊद इब्राहिम भी वहां बैठे थे और तस्वीर खींच ली गई। मंदाकिनी का कहना है कि उस वक्त उन्होंने इस तस्वीर को लेकर ज्यादा नहीं सोचा था। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि बाद में यही तस्वीर उनके नाम के साथ लगातार जोड़ी जाएगी और उनके निजी जीवन को लेकर कई तरह की कहानियां सामने आने लगेंगी।
मंदाकिनी के मुताबिक क्रिकेट मैच में किसी व्यक्ति के पास बैठना अपने आप में किसी खास रिश्ते या मुलाकात का संकेत नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह दुबई क्रिकेट मैच में दाऊद के निमंत्रण पर नहीं गई थीं। वह वहां अपने काम के सिलसिले में गई थीं और मैच में उनकी मौजूदगी उसी यात्रा का हिस्सा थी। उनके अनुसार तस्वीर में दाऊद का वहां बैठना महज एक संयोग था और उस समय उन्हें इस बात की कोई विशेष जानकारी या चिंता नहीं थी कि बाद में इसे किस तरह देखा जाएगा।
यह तस्वीर सामने आने के बाद मंदाकिनी और दाऊद इब्राहिम के संबंधों को लेकर बॉलीवुड और मीडिया में लंबे समय तक चर्चा होती रही। तस्वीर के आधार पर दोनों के बीच कथित नजदीकी को लेकर कई तरह की खबरें प्रकाशित हुईं। समय के साथ यह मामला इतना चर्चित हुआ कि मंदाकिनी के निजी जीवन को लेकर भी कई दावे सामने आने लगे। अभिनेत्री ने अब इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि तस्वीर को लेकर जिस तरह की कहानियां बनाई गईं, वे वास्तविकता से अलग थीं।
मंदाकिनी ने उन रिपोर्टों को भी गलत बताया जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम से शादी की थी या दोनों का कोई बेटा था। अभिनेत्री के अनुसार इस तरह की खबरों में कोई सच्चाई नहीं थी। उनका कहना है कि मीडिया में तस्वीर सामने आने के बाद अटकलों का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे ऐसी बातें भी कही जाने लगीं जिनका वास्तविक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं था।
मंदाकिनी के लिए यह विवाद उनके फिल्मी करियर के सबसे चर्चित विवादों में से एक बन गया। 1985 में फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से उन्हें व्यापक पहचान मिली थी। फिल्म में उनकी भूमिका और अभिनय ने उन्हें रातोंरात लोकप्रिय बना दिया था। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। हालांकि दाऊद के साथ तस्वीर सामने आने के बाद उनके निजी जीवन और अंडरवर्ल्ड से कथित संबंधों को लेकर चर्चा उनके फिल्मी करियर के साथ भी जुड़ गई।
अब वर्षों बाद मंदाकिनी ने इस विवाद को अपने नजरिए से समझाया है। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर है कि दुबई में उनकी यात्रा पेशेवर कारणों से थी और क्रिकेट मैच में दाऊद की मौजूदगी उनके लिए उस समय कोई असामान्य बात नहीं थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उस दौर में तस्वीरों और घटनाओं को आज की तरह तुरंत डिजिटल संदर्भ में नहीं देखा जाता था। सोशल मीडिया के दौर से पहले की किसी तस्वीर के आधार पर बाद में बनी धारणाओं ने मामले को और बड़ा बना दिया।
दाऊद इब्राहिम भारत में वांछित अंडरवर्ल्ड सरगना है और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामलों में जांच और कार्रवाई हुई है। इसी वजह से उसके साथ किसी सार्वजनिक व्यक्ति की तस्वीर सामने आने पर स्वाभाविक रूप से व्यापक चर्चा हुई। हालांकि केवल एक तस्वीर अपने आप में किसी आपराधिक संबंध का प्रमाण नहीं होती। मंदाकिनी ने भी इसी संदर्भ में तस्वीर के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश की है।
मंदाकिनी की ताजा सफाई ने करीब तीन दशक पुराने इस विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। अभिनेत्री का कहना है कि तस्वीर को जिस अर्थ में वर्षों तक पेश किया गया, वह उस समय की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता। उनके मुताबिक वह दुबई काम के लिए गई थीं, क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं और वहां दाऊद भी मौजूद था—बस इसी दौरान तस्वीर खिंच गई।
एक तस्वीर ने दशकों तक सवाल खड़े किए, लेकिन अब मंदाकिनी की सफाई सामने है—उनके मुताबिक दाऊद ने उन्हें मैच के लिए नहीं बुलाया था, दोनों की शादी और बेटे की खबरें भी गलत थीं और तस्वीर के पीछे की कहानी उतनी रहस्यमय नहीं थी, जितनी वर्षों तक बताई जाती रही।



