महाराष्ट्र/ राष्ट्रीय/ राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 17 सितंबर 2026
दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की FIR के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें इस मामले में राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा है और ठाकरे परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। राउत ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। हालांकि, यह राउत का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR में आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों की भूमिका की जांच किए जाने का उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस चरण पर CBI ने किसी को आरोपी घोषित नहीं किया है।
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी मौत के कुछ दिन बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हुई, जिसके कारण दोनों घटनाओं को लेकर वर्षों से सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत ने 2 सितंबर 2026 को CBI को मामले की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने FIR दर्ज की।
CBI की FIR में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती और अन्य लोगों के नाम जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक FIR में कथित आपराधिक साजिश, आत्महत्या की झूठी कहानी तैयार या प्रचारित किए जाने तथा सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें हेरफेर किए जाने जैसे आरोपों से जुड़े पहलुओं की जांच का उल्लेख है। साथ ही कुछ पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। लेकिन किसी व्यक्ति का FIR में नाम आना अपने आप में उसे आरोपी या दोषी साबित नहीं करता। CBI की जांच का अगला चरण यह तय करेगा कि जिन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है, उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं या नहीं।
आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वह दिशा सालियान को न तो जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे। उन्होंने मामले में अपना नाम आने के बाद इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप बताया और कहा कि पिछले कई वर्षों से उन्हें इस मामले में जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। आदित्य ठाकरे की ओर से निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की बात भी सामने आई है।
संजय राउत ने भी इसी आधार पर आदित्य ठाकरे का बचाव किया है। उनका कहना है कि मुंबई पुलिस पहले दिशा सालियान की मौत की जांच कर चुकी है और उस जांच में आदित्य ठाकरे की भूमिका सामने नहीं आई थी। राउत ने CBI से निष्पक्ष जांच करने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे जांच एजेंसी के सामने पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले का इस्तेमाल ठाकरे परिवार को बदनाम करने और आदित्य ठाकरे को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
इस बीच दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में उनके बयानों पर आपत्ति जताते हुए आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। यह कानूनी कार्रवाई मामले को एक नए विवाद में ले गई है, क्योंकि एक तरफ दिशा के पिता अपनी बेटी की मौत की दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे और उनके समर्थक इस मांग को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताए जाने का विरोध कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में BJP की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक आरोप सामने आए हैं। राउत ने CBI जांच और FIR में आदित्य ठाकरे की भूमिका की जांच को राजनीतिक साजिश से जोड़ते हुए केंद्र और सत्तारूढ़ राजनीतिक ताकतों पर निशाना साधा है। लेकिन BJP की ओर से इस मामले में किसी व्यक्ति को फंसाने की साजिश का आरोप एक राजनीतिक दावा है; इसे जांच के निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर CBI का कहना है कि जांच अदालत के निर्देश के तहत आगे बढ़ रही है और फिलहाल किसी को आरोपी घोषित नहीं किया गया है।
अब इस मामले की दिशा CBI की जांच से तय होगी। एजेंसी को शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों, फोरेंसिक सामग्री और पहले की जांच से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करनी है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका के समर्थन में पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है; वहीं सबूत नहीं मिलने पर उस आधार पर भी जांच का निष्कर्ष सामने आ सकता है।
दिशा सालियान केस में फिलहाल दो तस्वीरें समानांतर दिखाई दे रही हैं—एक तरफ परिवार की ओर से उठाए गए गंभीर सवाल और CBI की नई जांच, दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे तथा शिवसेना (UBT) की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक साजिश के आरोप। इन दोनों के बीच निर्णायक भूमिका जांच से सामने आने वाले सबूतों की होगी।
संजय राउत का आरोप है कि आदित्य ठाकरे को राजनीतिक रूप से फंसाने और ठाकरे परिवार की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है। अब असली सवाल यही है कि CBI की जांच में इन राजनीतिक आरोपों से अलग कौन-से तथ्य और सबूत सामने आते हैं।



