बिजनेस | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 10 जून 2026
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले तीन वर्षों में TCS में जितने मानव कर्मचारी होंगे, लगभग उतने ही AI एजेंट भी काम कर रहे होंगे। उनका मानना है कि तकनीक की दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां इंसान और AI मिलकर काम करेंगे और व्यवसायों के संचालन का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।
कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि AI केवल एक नई तकनीक नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में उद्योग, व्यापार और सेवाओं के पूरे ढांचे को बदलने वाली शक्ति साबित होगी। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में TCS में AI एजेंटों की संख्या मानव कर्मचारियों के बराबर हो सकती है। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी का अगला चरण उसके इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय होगा, जो ग्राहकों, भारत और भविष्य की तकनीकी दुनिया को नई दिशा देगा।
चंद्रशेखरन के अनुसार फिलहाल AI का उपयोग मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर आधारित कार्यों तक सीमित दिखाई देता है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव वास्तविक दुनिया में भी तेजी से दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि AI अब केवल कंप्यूटर स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुकानें, फैक्ट्रियां, गोदाम, ऊर्जा नेटवर्क, परिवहन व्यवस्था, वाहन और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर की कंपनियां AI का उपयोग उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और बेहतर सेवाएं देने के लिए कर रही हैं। ऐसे में भारत की आईटी कंपनियों को भी तेजी से बदलती इस तकनीकी क्रांति के लिए तैयार रहना होगा। TCS इस दिशा में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है और अपने कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित भी कर रही है।
हालांकि AI के बढ़ते उपयोग को लेकर रोजगार पर प्रभाव की चिंताएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि AI कुछ पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसके साथ ही नई तरह की नौकरियां और अवसर भी पैदा होंगे। चंद्रशेखरन का कहना है कि भविष्य केवल AI का नहीं बल्कि इंसानों और AI के सहयोग का होगा, जहां दोनों मिलकर अधिक प्रभावी और तेज़ी से काम कर सकेंगे।
TCS प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में AI को लेकर बड़ी बहस चल रही है। कई वैश्विक कंपनियां अपने कामकाज में AI एजेंटों को शामिल कर रही हैं और तकनीकी विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दशक में यह बदलाव औद्योगिक क्रांति जितना बड़ा साबित हो सकता है।
चंद्रशेखरन की इस भविष्यवाणी ने आईटी उद्योग, कर्मचारियों और निवेशकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि आने वाले वर्षों में TCS और अन्य भारतीय कंपनियां AI के इस नए दौर में किस तरह खुद को ढालती हैं और रोजगार तथा तकनीक के बीच संतुलन कैसे बनाती हैं।




