अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/पेरिस | 10 जून 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले सप्ताह फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात होने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह बैठक 16-17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होने वाले जी-7 सम्मेलन के इतर हो सकती है। यदि यह मुलाकात होती है तो फरवरी 2025 में वॉशिंगटन डीसी में हुई उनकी पिछली बैठक के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बातचीत होगी।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा दो चरणों में होगी। पहला चरण 13 से 14 जून तक रहेगा, जबकि दूसरा चरण 16 से 19 जून तक चलेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी 14 जून को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। फ्रांस इस वर्ष जी-7 सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और दुनिया के कई प्रमुख नेताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते, निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग, रक्षा साझेदारी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति, रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। ऐसे में जी-7 सम्मेलन के दौरान होने वाली संभावित बैठक दोनों देशों के संबंधों को और नई दिशा दे सकती है।
फ्रांस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। जी-7 सम्मेलन विश्व अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। भारत भले ही जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के कारण उसे लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता रहा है।
राजनयिक हलकों में इस संभावित मोदी-ट्रंप मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी अच्छे संबंध रहे हैं और ऐसे में यह बैठक भारत-अमेरिका संबंधों को नई गति देने के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।




