राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | मैसूर | 26 जुलाई 2026
कर्नाटक की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार पूर्व मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि वह 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि सिद्धारमैया ने कहा कि चुनाव नहीं लड़ने का अर्थ राजनीति और सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाना नहीं है। वह कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे और जनता के मुद्दों पर सक्रिय रहेंगे।
मांड्या जिले के के.आर. पेट में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिवंगत के.आर. पेट कृष्णा की 86वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उम्र के साथ उन्होंने मौजूदा राजनीति के गिरते स्तर और उसके ‘प्रदूषित’ होते चरित्र को भी अपने फैसले की वजह बताया।
सिद्धारमैया का यह ऐलान कर्नाटक कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। दशकों तक राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे सिद्धारमैया ने सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों और अहिंदा राजनीति के जरिए अपना अलग राजनीतिक आधार तैयार किया। मुख्यमंत्री से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक उन्होंने कर्नाटक की राजनीति में लंबी और निर्णायक भूमिका निभाई है।
उनका 2028 में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कांग्रेस में अगली पीढ़ी के नेतृत्व को लेकर चल रही बहस को भी तेज कर सकता है। खासकर ऐसे समय में जब कर्नाटक मंत्रिमंडल के विस्तार और कांग्रेस के भीतर भविष्य के सत्ता-संतुलन को लेकर राजनीतिक हलचल पहले से तेज है।
सिद्धारमैया ने हालांकि अपने समर्थकों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यह सार्वजनिक जीवन से विदाई नहीं है। यानी चुनावी मैदान भले छोड़ रहे हों, लेकिन कांग्रेस की राजनीति और जनता के सवालों पर उनकी मौजूदगी बनी रहेगी।
सिद्धारमैया का यह फैसला कर्नाटक की राजनीति में एक युग के धीरे-धीरे समापन का संकेत जरूर है, लेकिन उन्होंने खुद साफ कर दिया है—चुनाव नहीं लड़ेंगे, राजनीति और जनता का साथ नहीं छोड़ेंगे।




