खेल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 जुलाई 2026
भारतीय स्क्वैश के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। महज 18 साल की Anahat Singh ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतकर वह उपलब्धि हासिल की है, जो इससे पहले कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं कर सका था। अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
नई दिल्ली में खेले गए वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप के महिला फाइनल में विश्व नंबर-20 और शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने मिस्र की रुकय्या सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से शिकस्त दी।
फाइनल में अनाहत शुरुआत से ही पूरी तरह हावी रहीं। पहले गेम में उन्होंने केवल तीन अंक गंवाए और 11-3 से जीत दर्ज की। दूसरे गेम में मिस्र की खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अनाहत ने दबाव बनाए रखते हुए उसे 11-7 से अपने नाम किया। तीसरे गेम में मुकाबला बेहद कड़ा हुआ, मगर निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ी ने संयम नहीं खोया और 11-9 से गेम जीतते ही इतिहास रच दिया।
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि विश्व जूनियर स्क्वैश में मिस्र लंबे समय से एक बड़ी ताकत रहा है। ऐसे में मिस्र की खिलाड़ी को खिताबी मुकाबले में सीधे तीन गेम में हराकर अनाहत ने अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश में भारत की बढ़ती ताकत का संकेत दिया है।
अनाहत पहले ही कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान तक पहुंचना और अब जूनियर विश्व खिताब जीतना उन्हें भारतीय स्क्वैश की सबसे बड़ी युवा उम्मीदों में खड़ा करता है।
भारत ने स्क्वैश में कई शानदार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन जूनियर विश्व चैंपियन का ताज अब तक भारतीय खिलाड़ियों की पहुंच से बाहर था। अनाहत ने 26 जुलाई 2026 को वह इंतजार खत्म कर दिया।
उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत खिताब नहीं, बल्कि भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक छलांग है। जिस मंच पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी भविष्य के विश्व चैंपियन बनने का सपना लेकर उतरते हैं, वहां अब तिरंगे के नाम पहला विश्व जूनियर खिताब दर्ज हो चुका है।
नई दिल्ली में अनाहत ने सिर्फ फाइनल नहीं जीता—उन्होंने भारतीय स्क्वैश का इतिहास बदल दिया।




