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रिमोट जॉब्स पर मंडराता खतरा

रिमोट जॉब्स पर मंडराता खतरा! क्या AI खत्म कर देगा वर्क-फ्रॉम-होम का दौर?

एबीसी डेस्क 29 दिसंबर 2025

कोरोना के बाद जिस वर्क-फ्रॉम-होम यानी रिमोट जॉब्स को लोगों ने राहत और आज़ादी का नया रास्ता माना था, अब उसी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। Google DeepMind के को-फाउंडर और मशहूर एआई वैज्ञानिक शेन लेग ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले समय में काम करने के तरीकों को पूरी तरह बदल सकता है — और इसका सीधा असर रिमोट जॉब्स पर भी पड़ सकता है। शेन लेग का कहना है कि जैसे-जैसे एआई सिस्टम ज्यादा स्मार्ट और सक्षम होते जाएंगे, कंपनियों को कम लोगों की जरूरत पड़ेगी। खासतौर पर ऐसे काम, जो ऑनलाइन और घर से किए जाते हैं, उन्हें एआई आसानी से संभाल सकता है। रिपोर्ट लिखना, डेटा एनालिसिस, कंटेंट बनाना, कस्टमर सपोर्ट जैसे कई काम पहले ही एआई करने लगा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कंपनियां यह सोच सकती हैं कि जब मशीनें लगातार, तेज़ और बिना थके काम कर सकती हैं, तो इंसानों को घर से काम पर रखने का मॉडल कितना जरूरी रह जाएगा। इससे रिमोट वर्क के मौके कम हो सकते हैं और नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है। हालांकि शेन लेग ने यह भी साफ किया कि एआई सब कुछ खत्म नहीं करेगा। उनका मानना है कि इंसानों की सोच, समझ, रचनात्मकता और फैसले लेने की क्षमता अब भी सबसे अहम रहेगी। लेकिन जो लोग सिर्फ रूटीन और दोहराव वाले कामों पर निर्भर हैं, उनके लिए खतरा ज्यादा है।

इस चेतावनी के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है — क्या वाकई वर्क-फ्रॉम-होम का दौर खत्म होने वाला है? या फिर लोगों को अपने स्किल्स को नए दौर के हिसाब से बदलना होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि एआई से डरने के बजाय उसे समझना और उसके साथ काम करना ही भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है। फिलहाल इतना तय है कि आने वाले सालों में नौकरी, ऑफिस और काम करने के तरीके पहले जैसे नहीं रहेंगे — और रिमोट जॉब्स का भविष्य भी इसी बदलाव की कसौटी पर खड़ा है।

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