Home » Business » किसानों को मजबूती और हल्दी को वैश्विक पहचान दिला रहा राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड: पीयूष गोयल

किसानों को मजबूती और हल्दी को वैश्विक पहचान दिला रहा राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड: पीयूष गोयल

आलोक कुमार | नई दिल्ली 14 जनवरी 2026

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय हल्दी को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड (National Turmeric Board) एक अहम भूमिका निभा रहा है। मंत्री ने कहा कि यह बोर्ड न सिर्फ हल्दी किसानों को सशक्त बना रहा है, बल्कि हल्दी और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है। देश के लाखों किसान हल्दी की खेती से जुड़े हैं, खासकर तेलंगाना, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में। राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड इन किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक खेती तकनीक, गुणवत्ता सुधार और बाज़ार से सीधा जुड़ाव दिलाने का काम कर रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसान को उसकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सके।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड हल्दी की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दे रहा है। केवल कच्ची हल्दी ही नहीं, बल्कि हल्दी पाउडर, हल्दी आधारित आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी के अवसर मिलेंगे और भारत की पारंपरिक कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।

पीयूष गोयल ने कहा कि आज पूरी दुनिया हल्दी के औषधीय गुणों को स्वीकार कर रही है। कोरोना काल के बाद हल्दी की मांग और भी बढ़ी है, क्योंकि इसे इम्युनिटी बढ़ाने वाला प्राकृतिक उत्पाद माना जाता है। ऐसे में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का प्रयास है कि भारतीय हल्दी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरे और निर्यात में किसी तरह की बाधा न आए। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण, परीक्षण सुविधाएं और निर्यात से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि उद्यमी बनाना चाहती है। राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड किसानों, निर्यातकों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के बीच सेतु का काम कर रहा है। इससे खेती से लेकर बाज़ार तक की पूरी श्रृंखला मजबूत होगी। मंत्री के अनुसार, यह पहल “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को भी मजबूती देती है, क्योंकि इससे देश के किसान सशक्त होंगे और भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

कुल मिलाकर, पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड आने वाले समय में न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि भारतीय हल्दी को वैश्विक मंच पर एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करेगा। यह प्रयास किसानों के आत्मविश्वास, ग्रामीण विकास और देश के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted