अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान / कुवैत सिटी / वॉशिंगटन | 4 जून 2026
ईरान ने किया व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमला
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों पर बड़ा हमला करने का दावा किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अनुसार मिसाइलों और ड्रोन के जरिए अमेरिकी एयरबेस, हेलिकॉप्टर बेस तथा अमेरिकी नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का जवाब बताया है।
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी नुकसान
हमलों के दौरान कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक टर्मिनल को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार हमले में कई लोग घायल हुए, जबकि हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत आपातकालीन व्यवस्था लागू कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
तेहरान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रही तो जवाब और अधिक व्यापक तथा कठोर हो सकता है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे और सहयोगी देशों के ठिकाने अब उनकी निगरानी में हैं। ईरान ने इसे अपनी आत्मरक्षा का अधिकार बताया है।
अमेरिका और सहयोगी देशों में बढ़ी सतर्कता
हमलों के बाद अमेरिका, कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों ने सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने क्षेत्र में तैनात सैनिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित नए हमलों की आशंका को देखते हुए निगरानी और वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है।
नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे
हमलों के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ईरान ने अपने हमलों को सफल बताते हुए अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने कई हमलों को इंटरसेप्ट किए जाने की बात कही है। स्वतंत्र स्रोतों से सभी दावों की पूरी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा गहराया
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला पश्चिम एशिया में संघर्ष के नए और अधिक खतरनाक चरण का संकेत है। ईरान, अमेरिका, इज़राइल और खाड़ी देशों के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए दुनिया भर की निगाहें अब इस संकट पर टिकी हुई हैं।
वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है असर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो तेल तथा गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। कई देशों ने पहले ही अपने ऊर्जा सुरक्षा तंत्र की समीक्षा शुरू कर दी है।
पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील
ईरान द्वारा कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में न बदल जाए। आने वाले कुछ दिन पश्चिम एशिया की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।




