Home » Politics » उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

राजनीति / उत्तराखंड | शैलेन्द्र | ABC NATIONAL NEWS | देहरादून | 19 मई 2026

उत्तराखंड की राजनीति से मंगलवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे खंडूरी ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने की। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई और राजनीतिक, सामाजिक तथा सैन्य जगत में गहरा दुख व्यक्त किया गया।

भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड की राजनीति में एक ईमानदार, अनुशासित और सख्त प्रशासक के रूप में जाना जाता था। भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जल्द ही भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। सेना की पृष्ठभूमि के कारण लोग उन्हें सम्मान से “जनरल साहब” कहकर पुकारते थे। उनकी पहचान साफ-सुथरी राजनीति, प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास केंद्रित कार्यशैली के लिए रही।

खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2007 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला। हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की सभी सीटों पर भाजपा की हार के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वर्ष 2011 में पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए राज्य की कमान सौंपी। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सुधार, सड़क संपर्क और पारदर्शी शासन व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

ALSO READ  सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ा सियासी तूफान: ‘कुना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ पर Jairam Ramesh का तंज

राष्ट्रीय राजनीति में भी भुवन चंद्र खंडूरी की मजबूत पहचान रही। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। देश को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने वाली ऐतिहासिक “स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना” को आगे बढ़ाने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। इस परियोजना ने भारत के चार प्रमुख महानगरों को हाईवे नेटवर्क से जोड़कर देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा दी थी।

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे राज्य और देश की राजनीति के लिए “अपूरणीय क्षति” बताया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी ने सेना और सार्वजनिक जीवन दोनों में अनुशासन, राष्ट्रसेवा और ईमानदारी का असाधारण उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास, सुशासन और पारदर्शिता को नई पहचान दी और हमेशा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

भुवन चंद्र खंडूरी के निधन के बाद उनके आवास पर नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना लगातार जारी है। भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने एक ऐसे नेता को खो दिया है जिसकी सादगी, ईमानदारी और प्रशासनिक क्षमता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *