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डी.के. शिवकुमार — सभी 140 विधायक मेरे, गुटबाज़ी मेरे ख़ून में नहीं

अवधेश कुमार । नई दिल्ली 21 नवंबर 2025

कर्नाटक की राजनीति में चल रही हलचल और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आज प्रेस को संबोधित करते हुए स्थिति को शांत करने वाला अहम बयान दिया। लगातार उठ रही खींचतान, सत्ता-संतुलन और नेतृत्व बदलाव की चर्चाओं के बीच शिवकुमार ने साफ कहा कि “सभी 140 विधायक मेरे विधायक हैं… गुट बनाना मेरे ख़ून में नहीं है।” उनके इस बयान ने यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस सरकार के भीतर किसी भी तरह की गुटबाज़ी, विरोधाभास या खींचतान की खबरें अतिरंजित हैं और पार्टी नेतृत्व एकजुट है।

मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं और दिल्ली में हो रही बैठकों पर उठ रहे सवालों को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा कैबिनेट फेरबदल का निर्णय स्वाभाविक है और ऐसी प्रक्रिया किसी भी सरकार में लोकतांत्रिक ढांचे का हिस्सा होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “हर विधायक मंत्री बनना चाहता है… इसलिए दिल्ली जाकर नेतृत्व से मिलना बिल्कुल स्वाभाविक है। यह उनका अधिकार है। हम उन्हें रोक नहीं सकते।” शिवकुमार का यह वक्तव्य उस पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है जहां कई विधायकों की नाराज़गी और मंत्री पद की मांगों की चर्चा इन दिनों राजनीतिक गलियारों में तेज़ है।

सरकार की स्थिरता को लेकर उठ रही शंकाओं पर भी शिवकुमार ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे और वे स्वयं इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह पांच साल पूरा करेंगे… मैं उन्हें शुभकामनाएँ देता हूँ। हम सब मिलकर उनके साथ काम करेंगे।” यह बयान न सिर्फ सरकार की मजबूती का संकेत देता है बल्कि सत्ता-साझेदारी से जुड़ी अफवाहों पर भी एक शांत और नियंत्रित संदेश भेजता है।

राज्य और केंद्र में कांग्रेस हाईकमान की भूमिका पर भी शिवकुमार ने ज़ोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे और मुख्यमंत्री दोनों बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे पूरी तरह हाईकमान के निर्देशों का पालन करेंगे। उनका यह बयान आगामी राजनीतिक निर्णयों—चाहे वह कैबिनेट विस्तार हो, संगठनात्मक बदलाव हो या नेतृत्व से जुड़ा कोई भी निर्णय—उन सभी को लेकर पार्टी अनुशासन का संकेत देता है।

शिवकुमार के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्नाटक कांग्रेस फिलहाल किसी विभाजन या अस्थिरता के दौर से नहीं गुजर रही,8ई पार्टी नेतृत्व सरकार और संगठन दोनों को संभालने के लिए एक संतुलित रास्ता अपना रहा है। लगातार चर्चा में रहने वाले सत्ता-संतुलन के समीकरणों के बीच यह बयान कांग्रेस के लिए राहत की खबर भी माना जा रहा है।

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