[the_ad id="179"]
Home » National » कोर्ट के फैसले से बेनकाब हुई साजिश: खड़गे का हमला— मोदी-शाह इस्तीफा दें, ED-CBI का दुरुपयोग उजागर

कोर्ट के फैसले से बेनकाब हुई साजिश: खड़गे का हमला— मोदी-शाह इस्तीफा दें, ED-CBI का दुरुपयोग उजागर

एबीसी डेस्क 17 दिसंबर 2025

नेशनल हेराल्ड केस में 16 दिसंबर को आए अदालती फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मुँह पर करारा तमाचा है और उन्हें अब नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके मुताबिक, अदालत ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सालों से चलाया जा रहा अभियान झूठ, साजिश और राजनीतिक बदले की भावना पर आधारित था।

खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने नेशनल हेराल्ड मामले को जानबूझकर राजनीतिक हथियार बनाया। बार-बार कांग्रेस और खासकर गांधी परिवार को बदनाम किया गया, मीडिया ट्रायल चलवाया गया और देश की जनता को गुमराह किया गया। लेकिन अदालत के फैसले ने इन सभी आरोपों की हवा निकाल दी और यह उजागर कर दिया कि सत्ता का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया गया। खड़गे के शब्दों में, “यह फैसला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक नैतिकता की हार का प्रमाण है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने नेशनल हेराल्ड की ऐतिहासिक भूमिका को याद दिलाते हुए कहा कि 1938 में शुरू हुआ यह अखबार आज़ादी की लड़ाई की आवाज़ रहा है। इसका नारा — “Freedom is in Peril, Defend it with All Your Might” — आज भी उतना ही प्रासंगिक है। खड़गे ने आरोप लगाया कि इसी विरासत को कुचलने और लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के लिए मोदी सरकार ने इस केस को ज़िंदा रखा, लेकिन अदालत ने सच्चाई सामने रख दी।

खड़गे ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में 50 से अधिक प्रमुख विपक्षी नेताओं को ED, CBI और IT विभाग के जरिए डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित पैटर्न है — पहले एजेंसी भेजो, फिर मीडिया में शोर मचाओ और अंत में राजनीतिक दबाव बनाओ। खड़गे ने कहा कि अब अदालत के फैसले ने इस पूरे खेल को जनता के सामने नंगा कर दिया है।

उन्होंने साफ कहा कि अगर मोदी और शाह में ज़रा भी लोकतांत्रिक मर्यादा बची है, तो उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए और पद छोड़ देना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई सरकार सत्ता के बल पर विपक्ष को कुचलने की हिम्मत न करे। खड़गे के मुताबिक, लोकतंत्र ED-CBI की फाइलों से नहीं, संविधान और कानून से चलता है — और इस फैसले ने वही साबित किया है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले में आए फैसले को “राजनीतिक प्रतिशोध की पराजय और लोकतंत्र की जीत” बताया है। खड़गे का संदेश साफ है — सत्ता का दुरुपयोग अब बेनकाब हो चुका है, और अब जवाबदेही से बचने का रास्ता बंद हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *