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दिल्ली में बदलेगा B&B कानून, 20 साल पुराना नियम खत्म

मालवीय नगर अग्निकांड में 21 मौतों के बाद बड़ा बदलाव; 750 से ज्यादा B&B प्रतिष्ठानों के लिए नई नीति, सुरक्षा और निगरानी पर रहेगा जोर

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 11 अगस्त 2026

दो दशक पुराने कानून की जगह नई व्यवस्था

दिल्ली में बेड-एंड-ब्रेकफास्ट यानी B&B प्रतिष्ठानों के संचालन और नियमन की करीब 20 साल पुरानी व्यवस्था अब बदलने वाली है। दिल्ली सरकार मौजूदा कानून को खत्म कर उसकी जगह नई नीति लाने की तैयारी कर रही है। सरकार का तर्क है कि पिछले दो दशकों में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र तेजी से बदला है, इसलिए पुराने नियमों को भी नए समय की जरूरतों के अनुसार बदलना जरूरी है। नई नीति का उद्देश्य B&B कारोबार के लिए व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और लचीला बनाना है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा मानकों को मजबूत करना भी बड़ी प्राथमिकता होगी।

मालवीय नगर की आग ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

नई नीति की जरूरत के पीछे जून में मालवीय नगर के एक B&B में हुई भीषण आग भी बड़ी वजह बनी है। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी। घटना ने राजधानी में ऐसे प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा और भवन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद दिल्ली में B&B प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज हुई। सवाल यह उठा कि जिन जगहों पर लोग पैसे देकर ठहरते हैं, वहां आपात स्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम आखिर कितने प्रभावी हैं।

750 से ज्यादा B&B प्रतिष्ठान निगरानी के दायरे में

दिल्ली पर्यटन विभाग के तहत 750 से ज्यादा B&B प्रतिष्ठान पंजीकृत हैं। इनमें ऐसे घर और संपत्तियां शामिल हैं जहां पर्यटकों और यात्रियों के ठहरने की सुविधा दी जाती है। दिल्ली में होटल और अन्य आवासीय सुविधाओं की मांग बढ़ने के साथ B&B मॉडल भी महत्वपूर्ण हुआ है। लेकिन इसके साथ भवन उपयोग, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और स्थानीय नियमों के पालन जैसे सवाल भी जुड़े हैं। नई नीति इन सभी पहलुओं को नए तरीके से व्यवस्थित कर सकती है।

कारोबार आसान हो, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि नियमों को आसान बनाने के साथ सुरक्षा कितनी मजबूत की जाएगी। मालवीय नगर की घटना ने साफ कर दिया कि B&B में केवल कमरा और सुविधा उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। आग जैसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्पष्ट निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। नियम कितने भी लचीले हों, जीवन की सुरक्षा से समझौते की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती।

बदलते पर्यटन के साथ बदलेंगे नियम

सरकार की नजर में करीब दो दशक पुराना कानून आज के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। यात्रियों की आदतें बदली हैं, होम-स्टे और छोटे आवासीय कारोबार का विस्तार हुआ है और ऑनलाइन बुकिंग ने पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया है। ऐसे में नई नीति के जरिए सरकार B&B क्षेत्र को आधुनिक व्यवस्था से जोड़ना चाहती है। हालांकि इस बदलाव की सफलता केवल कारोबार को सुविधा देने से नहीं, बल्कि नियमों के प्रभावी पालन से तय होगी।

पंजीकरण के बाद भी नियमित जांच जरूरी

मालवीय नगर हादसे के बाद एक बड़ा सवाल यह भी सामने आया है कि किसी B&B को पंजीकरण मिलने के बाद उसकी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच कितनी होती है। केवल शुरुआत में दस्तावेजों की जांच कर लाइसेंस देना पर्याप्त नहीं हो सकता। भवन की स्थिति, अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और बिजली व्यवस्था समय के साथ बदल सकती है। इसलिए नई नीति में नियमित निरीक्षण और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

नई नीति की असली परीक्षा लागू करने में होगी

किसी भी कानून की ताकत उसके कागज पर लिखे नियमों से ज्यादा उसके प्रभावी अमल में होती है। नई नीति में अगर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाती है, नियमित निरीक्षण होता है और गंभीर उल्लंघन पर कार्रवाई सुनिश्चित होती है तो B&B क्षेत्र अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकता है। लेकिन अगर नियम सिर्फ फाइलों में रह गए और जमीन पर निगरानी कमजोर रही, तो किसी अगली दुर्घटना के बाद फिर यही सवाल उठेगा कि खतरे की पहचान पहले क्यों नहीं हुई।

दिल्ली को कारोबार भी चाहिए, सुरक्षित व्यवस्था भी

B&B कानून में बदलाव दिल्ली के पर्यटन और छोटे हॉस्पिटैलिटी कारोबार के लिए बड़ा परिवर्तन हो सकता है। इससे कारोबारियों को नई व्यवस्था में अधिक स्पष्टता और सुविधा मिल सकती है, लेकिन सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगी। मालवीय नगर की 21 मौतों का सबसे बड़ा सबक यही है कि पर्यटन बढ़ाने की दौड़ में सुरक्षा पीछे नहीं छूटनी चाहिए। नई नीति की असली सफलता तब मानी जाएगी, जब दिल्ली में B&B कारोबार आसान होने के साथ-साथ वहां ठहरने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

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