खेल/ एशियन गेम्स | ABC NATIONAL NEWS | नागोया | 26 सितंबर 2026
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स ने ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन 3 मेडल अपने नाम कर लिए। गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर हांगझोऊ एशियन गेम्स के अपने ब्रॉन्ज को सिल्वर में बदल दिया। वहीं बरानिका एलंगोवन ने पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में पोल वॉल्ट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। शॉट पुट में मनप्रीत कौर ने भी ब्रॉन्ज जीतकर भारत के पदकों की संख्या बढ़ाई।
सबसे पहले बात गुलवीर सिंह की, जिन्होंने 10,000 मीटर में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता। गुलवीर ने 3 साल पहले हांगझोऊ में इसी स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने अपनी पिछली उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए सिल्वर तक का सफर तय किया। 10,000 मीटर जैसी लंबी दूरी की दौड़ में लगातार अपनी स्थिति बनाए रखना और आखिरी तक रफ्तार कायम रखना आसान नहीं होता, लेकिन गुलवीर ने पूरी रेस में जबरदस्त निरंतरता दिखाई।
गुलवीर की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एशियन गेम्स के पिछले संस्करण के अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। हांगझोऊ में ब्रॉन्ज और नागोया में सिल्वर—यह सफर बताता है कि भारतीय धावक लगातार अपने प्रदर्शन को अगले स्तर तक ले जा रहे हैं। 28:29.38 सेकंड के समय के साथ गुलवीर ने ट्रैक पर भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की।
इसी दिन बरानिका एलंगोवन ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। 29 साल की बरानिका ने 4.15 मीटर की ऊंचाई पार कर पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह कजाकिस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। सबसे खास बात यह रही कि बरानिका का यह प्रदर्शन उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आसपास भी नहीं था, फिर भी उन्होंने मेडल अपने नाम कर लिया।
बरानिका के लिए यह सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के एक ऐसे इवेंट में ऐतिहासिक शुरुआत है जिसमें भारत को एशियन गेम्स में पहले कभी पदक नहीं मिला था। पोल वॉल्ट में उन्होंने 4.15 मीटर की ऊंचाई पार की और भारतीय महिला एथलेटिक्स के लिए एक नया अध्याय लिख दिया। मेडल जीतने के बाद खुद बरानिका ने कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उन्होंने मेडल जीत लिया है।
ट्रैक एंड फील्ड में भारत के लिए तीसरा मेडल मनप्रीत कौर ने शॉट पुट में जीता। मनप्रीत ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया और इस तरह एथलेटिक्स में भारत के एक ही दिन के पदकों की संख्या 3 हो गई। गुलवीर की लंबी दूरी की दौड़, बरानिका की पोल वॉल्ट और मनप्रीत का शॉट पुट—तीनों अलग-अलग स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
नागोया के पालोमा मिजुहो एथलेटिक्स स्टेडियम में भारत के लिए यह दिन खास रहा। एक तरफ गुलवीर ने अपनी पिछली उपलब्धि को बेहतर किया, तो दूसरी तरफ बरानिका ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा। मनप्रीत के ब्रॉन्ज ने इस प्रदर्शन को और मजबूत बना दिया।
एशियन गेम्स में भारत के लिए एथलेटिक्स हमेशा से महत्वपूर्ण पदक क्षेत्र रहा है, लेकिन पोल वॉल्ट में बरानिका का मेडल एक अलग वजह से याद रखा जाएगा। यह केवल पोडियम पर पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्पर्धा में भारत की पहली एशियन गेम्स पदक उपलब्धि है जहां इससे पहले देश के खाते में कोई मेडल नहीं था।
गुलवीर का सिल्वर, बरानिका का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज और मनप्रीत का ब्रॉन्ज—नागोया में एथलेटिक्स ने भारत के लिए एक ही दिन में 3 खुशखबरियां दीं। गुलवीर ने हांगझोऊ के ब्रॉन्ज को सिल्वर में बदला, बरानिका ने पोल वॉल्ट में इतिहास बनाया और मनप्रीत ने शॉट पुट में पोडियम पर जगह बनाई। ट्रैक पर भारत का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में एक यादगार दिन बन गया।



