खेल/ क्रिकेट | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 सितंबर 2026
भारतीय क्रिकेट में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जिम्मेदारियां पहुंच रही हैं। शुभमन गिल अब ODI टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं, लेकिन टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा का अनुभव अब भी बेहद अहम माना जा रहा है। भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने बताया है कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को लगातार विराट और रोहित से बात करने, सवाल पूछने और उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव से सीखने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI से पहले मोर्केल ने कहा कि टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों का अनुभव युवा टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शुभमन गिल की कप्तानी की भी तारीफ की और कहा कि गिल ने अब तक अच्छा काम किया है। उनके मुताबिक टीम में अलग-अलग खिलाड़ी किसी खास वरिष्ठ खिलाड़ी के साथ ज्यादा सहज महसूस कर सकते हैं और भारतीय टीम के पास इस समय ऐसा अनुभव मौजूद है, जिसका फायदा पूरी टीम उठा सकती है।
मोर्केल के मुताबिक टीम प्रबंधन चाहता है कि युवा खिलाड़ी केवल मैदान पर विराट और रोहित को देखकर सीखने तक सीमित न रहें, बल्कि उनसे सीधे बातचीत भी करें। टीम बैठकों में वरिष्ठ खिलाड़ियों से सवाल पूछे जाते हैं और उन्हें अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसका मकसद युवा खिलाड़ियों को उन परिस्थितियों को समझने में मदद करना है, जिनसे विराट और रोहित अपने लंबे करियर में गुजर चुके हैं।
मोर्केल ने खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के लिए कहा कि जब वे नेट्स में बल्लेबाजी कर रहे हों तो विराट से उनकी बल्लेबाजी से जुड़ी बातें पूछें और रोहित से नई गेंद का सामना करने की रणनीति के बारे में जानें। यानी टीम प्रबंधन चाहता है कि विराट और रोहित का अनुभव केवल उनके अपने प्रदर्शन तक सीमित न रहे, बल्कि टीम के आने वाले खिलाड़ियों तक भी पहुंचे।
विराट कोहली ने ODI क्रिकेट में अलग-अलग परिस्थितियों में पारी को संभालने और लक्ष्य का पीछा करने का लंबा अनुभव हासिल किया है। वहीं रोहित शर्मा ने लंबे समय तक भारत के सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई है और नई गेंद के खिलाफ बल्लेबाजी की अलग-अलग परिस्थितियों को बेहद करीब से देखा है। युवा खिलाड़ियों के लिए इस अनुभव को सीधे समझने का अवसर टीम के भीतर एक महत्वपूर्ण सीख बन सकता है।
भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। शुभमन गिल कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और टीम में युवा खिलाड़ियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में विराट और रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए केवल उनके बल्ले से निकलने वाले रनों तक सीमित नहीं है। उनका अनुभव ड्रेसिंग रूम में फैसलों, दबाव की स्थिति और मैच की परिस्थितियों को समझने में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
मोर्केल की बातों से यह भी साफ होता है कि भारतीय टीम प्रबंधन पीढ़ीगत बदलाव को अचानक होने वाली प्रक्रिया की तरह नहीं देख रहा। युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन साथ ही उन्हें उन खिलाड़ियों तक पहुंच भी दी जा रही है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर लंबे समय तक प्रदर्शन किया है। इस तरह अनुभव और युवा ऊर्जा को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है।
शुभमन गिल के लिए भी यह दौर महत्वपूर्ण है। कप्तान के रूप में उन्हें टीम को नई दिशा देनी है, जबकि उनके आसपास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जिनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का बेहद लंबा अनुभव है। मोर्केल के मुताबिक वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका गिल को भी मार्गदर्शन देने में अहम है। इसका मतलब यह है कि कप्तानी भले ही नई पीढ़ी के हाथ में हो, लेकिन फैसलों और तैयारी में पुराने अनुभव का इस्तेमाल जारी रहेगा।
भारतीय क्रिकेट की नई तस्वीर में कप्तान शुभमन गिल हैं, लेकिन उनके साथ विराट कोहली और रोहित शर्मा का अनुभव भी मौजूद है। युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश सीधा है—सिर्फ विराट और रोहित को खेलते हुए मत देखो, उनसे सवाल पूछो, बातचीत करो और उनके अनुभव को समझो। यही अनुभव अब भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।



