राष्ट्रीय/तमिलनाडु/कानून | ABC NATIONAL NEWS | 9 अगस्त 2026
चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन करते हुए मणिपुर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. कृष्णकुमार को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में राज्य के विधि विभाग ने सरकारी आदेश जारी किया है। नई टीम को राज्य में कानूनों की समीक्षा, कानूनी सुधारों पर सुझाव और आवश्यक विधायी बदलावों को लेकर सरकार को विशेषज्ञ राय देने की जिम्मेदारी होगी।
आयोग में मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर.एम.टी. टीका रामन, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.के. रामचंद्रन और विधि विभाग के पूर्व सचिव ए. अरुणागिरी को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं पूर्व जिला न्यायाधीश पी. मोहन दास और आर. गोविंदराजन को अंशकालिक सदस्य बनाया गया है।
विधि विभाग के सचिव संवर्ग के एक अधिकारी को आयोग का पूर्णकालिक सदस्य-सचिव नियुक्त किया जाएगा। अध्यक्ष सहित पूर्णकालिक और अंशकालिक सदस्यों का कार्यकाल कार्यभार संभालने की तारीख से तीन वर्ष का होगा।
राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन ऐसे समय हुआ है जब कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई विषय राज्यों के प्रशासनिक और विधायी एजेंडे में महत्वपूर्ण बने हुए हैं। आयोग से उम्मीद होगी कि वह मौजूदा कानूनों की समीक्षा के साथ-साथ बदलती सामाजिक, प्रशासनिक और न्यायिक जरूरतों के अनुरूप कानूनी सुधारों पर सरकार को सुझाव देगा।
न्यायमूर्ति डी. कृष्णकुमार के न्यायिक अनुभव को देखते हुए उन्हें आयोग की अध्यक्षता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े अनुभवी सदस्यों की नियुक्ति आयोग को कानूनी और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
अब आयोग के सामने चुनौती केवल कानूनों की समीक्षा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी होगा कि प्रस्तावित कानूनी सुधार नागरिकों के अधिकारों, न्याय तक आसान पहुंच और प्रशासनिक प्रभावशीलता के अनुरूप हों।




