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ईरान ने अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराया, ट्रंप बोले- जवाब देना होगा

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/तेहरान/तेल अवीव | 10 जून 2026

पश्चिम एशिया में युद्धविराम के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने एक अमेरिकी अपाचे सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराया है और इस घटना का जवाब देना अब अमेरिका के लिए जरूरी हो गया है। ट्रंप के इस बयान के बाद क्षेत्र में हालात फिर से बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार अपाचे हेलीकॉप्टर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हेलीकॉप्टर में सवार दोनों सैनिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने बताया कि नौसेना के एक ड्रोन ने दोनों सैनिकों को समुद्र से सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि हेलीकॉप्टर कैसे गिरा, इसे लेकर पहले अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही थीं, लेकिन अब ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।

यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अप्रैल में एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान भी ईरानी कार्रवाई में गिराए जाने की पुष्टि अमेरिका कर चुका है। ऐसे में यह पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान दूसरा अमेरिकी सैन्य विमान है जिसे नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस घटना को नजरअंदाज नहीं कर सकता और उचित प्रतिक्रिया दी जाएगी।

दूसरी ओर इजरायल और ईरान दोनों ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई को रोका गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “उस मोर्चे पर फिलहाल आग शांत है”, जबकि तेहरान ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास और तनाव बना हुआ है।

इस बीच लेबनान भी एक बार फिर संघर्ष का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहर टायर (Tyre) को खाली करने की चेतावनी जारी की, जिसके बाद हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। चेतावनी के कुछ ही समय बाद इजरायली हवाई हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत और 32 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई है।

हिजबुल्लाह ने लेबनान सरकार से ईरान के साथ संबंध सुधारने की अपील की है। संगठन का कहना है कि क्षेत्रीय संकट के समय ईरान का समर्थन लेबनान के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर हमले जारी रहे तो वह फिर से अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में शांति समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है और अगले दो-तीन दिनों में कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है। लेकिन हेलीकॉप्टर गिराए जाने की घटना ने इन कोशिशों को झटका दिया है।

विश्लेषकों का मानना है कि युद्धविराम अभी बेहद नाजुक स्थिति में है। एक तरफ अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ लेबनान और हिजबुल्लाह का मोर्चा भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। ऐसे में किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से पूरा क्षेत्र फिर बड़े संघर्ष की चपेट में आ सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजरें वॉशिंगटन, तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हैं। यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करता है तो पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर गंभीर मोड़ ले सकते हैं और लंबे समय से जारी शांति प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।

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