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मणिपुर में राहत की खबर: एक महीने बाद रिहा किए गए 14 कुकी नागरिक

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | इंफाल/नई दिल्ली | 10 जून 2026

मणिपुर से लंबे समय बाद एक राहत भरी खबर सामने आई है। लगभग एक महीने से बंधक बनाए गए 14 कुकी नागरिकों को मंगलवार को आखिरकार रिहा कर दिया गया। इन लोगों को मणिपुर के सेनापति जिले में कुछ नागा सशस्त्र समूहों ने रोक रखा था। उनकी रिहाई चर्च संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न समुदायों के नेताओं के लगातार प्रयासों के बाद संभव हो सकी।

मणिपुर पुलिस के अनुसार सभी 14 कुकी नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है और वे अपने गांव ताफौ (Taphou) वापस पहुंच गए हैं। रिहाई के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। पिछले एक महीने से इन लोगों के परिवार लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे थे और उनकी चिंता में दिन-रात गुजार रहे थे।

जानकारी के अनुसार, इन लोगों को मई महीने में सेनापति जिले के एक इलाके में रोका गया था। इसके बाद नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया था। मामले को सुलझाने के लिए कई चर्च संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं ने मध्यस्थता की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार सकारात्मक समाधान निकल सका।

यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) के अध्यक्ष एनजी लोरहो ने कहा कि यह रिहाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए आश्वासन और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो के प्रयासों के मद्देनजर की गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने लापता छह नागा लोगों का पता लगाने और मामले के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया है। इसी विश्वास के आधार पर कुकी नागरिकों को रिहा करने का निर्णय लिया गया।

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रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी लोगों को औपचारिक रूप से पुलिस के हवाले किया गया, जहां से उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। अपने परिजनों को वापस देखकर परिवारों में खुशी का माहौल है। कई परिवारों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और मध्यस्थता में शामिल सभी पक्षों का आभार व्यक्त किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मणिपुर में शांति और विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव और हिंसा की घटनाओं ने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित किया है। ऐसे में बातचीत और समझदारी के जरिए निकला यह समाधान भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

हालांकि राज्य में अभी भी कई संवेदनशील मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन 14 कुकी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई ने यह संदेश दिया है कि संवाद और सहयोग के माध्यम से जटिल विवादों का समाधान संभव है। अब उम्मीद की जा रही है कि सभी पक्ष शांति बनाए रखने और आपसी विश्वास को मजबूत करने के लिए आगे भी इसी तरह के प्रयास जारी रखेंगे।

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