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राजस्थान शर्मसार: जब बेटियां न्याय मांगें और सिस्टम खामोश रहे, तो यह शासन की विफलता है — अभिषेक मनु सिंघवी

राजनीति / अपराध / राजस्थान | ABC NATIONAL NEWS | जयपुर | 19 मई 2026

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जोधपुर में दो बहनों की दर्दनाक मौत के मामले को लेकर राजस्थान सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सिंघवी ने कहा कि उनका गृह राज्य राजस्थान आज शर्मसार है, क्योंकि वर्षों तक कथित गैंगरेप, ब्लैकमेल और पुलिस की निष्क्रियता झेलने के बाद दो बहनों ने अपनी जान गंवा दी।

अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “मेरा गृह राज्य राजस्थान आज शर्मसार खड़ा है। जोधपुर में दो बहनों ने कथित गैंगरेप, ब्लैकमेल और पुलिस की निष्क्रियता के वर्षों बाद अपनी जिंदगी खो दी। जब बेटियां न्याय के लिए रोती रहें और व्यवस्था खामोश बनी रहे, तो यह शासन और प्रशासन की पूरी विफलता को दर्शाता है।”

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल है। सिंघवी ने आरोप लगाया कि यदि पीड़िताओं की शिकायतों पर समय रहते संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई की गई होती, तो शायद यह दुखद स्थिति टाली जा सकती थी।

जोधपुर की इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों बहनें लंबे समय से कथित उत्पीड़न, धमकी और ब्लैकमेल का सामना कर रही थीं। परिवार का आरोप है कि पुलिस को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्ष राज्य सरकार को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेर रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की असली परीक्षा तब होती है जब कमजोर और पीड़ित नागरिक न्याय की उम्मीद लेकर सिस्टम के पास पहुंचते हैं। यदि वहां भी उन्हें निराशा मिले, तो समाज का भरोसा टूटने लगता है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो तथा दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस घटना के बाद महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कई संगठनों ने कहा कि महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों में पुलिस और प्रशासन की संवेदनशीलता अब भी बड़ा सवाल बनी हुई है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकार दावों तक सीमित है।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज करने और सभी पहलुओं की पड़ताल करने की बात कही है। लेकिन दो बहनों की मौत ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि आखिर महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर सिस्टम कब तक सवालों के घेरे में रहेगा।

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