राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बेंगलुरु | 26 अप्रैल 2026
भारत में हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए बेंगलुरु को बुलेट ट्रेन निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाया गया है। चेन्नई स्थित Integral Coach Factory (ICF) और सरकारी कंपनी BEML को देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेल मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ‘B28’ नाम की हाई-स्पीड ट्रेन का निर्माण बेंगलुरु के अत्याधुनिक ‘आदित्य’ रेल कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है। यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित होगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
2027 तक तैयार होने का लक्ष्य
रेलवे ने इस बुलेट ट्रेन के पहले प्रोटोटाइप को मार्च 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद व्यापक परीक्षण और ट्रायल किए जाएंगे। यह ट्रेन लगभग 280 किमी प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड के साथ तैयार की जा रही है, जबकि शुरुआती संचालन 250 किमी प्रति घंटा पर हो सकता है।
देश में ही विकसित होगी हाई-स्पीड तकनीक
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बेंगलुरु में BEML के हाई-स्पीड रेल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल तकनीक बेहद जटिल है और इसे देश में विकसित करना भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने यह भी कहा कि बुलेट ट्रेन के आने से बड़े शहरों के बीच दूरी कम महसूस होगी और यात्रा का समय काफी घट जाएगा। उदाहरण के तौर पर चेन्नई-बेंगलुरु के बीच सफर महज करीब 73 मिनट में पूरा हो सकेगा।
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर में होगी शुरुआत
इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन का उपयोग शुरुआती तौर पर मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में किया जाएगा। यह परियोजना भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की नींव मानी जा रही है।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
पहले जापान से तकनीक लेने की योजना थी, लेकिन अब भारत खुद बुलेट ट्रेन बना रहा है। इससे न केवल लागत कम होगी, भविष्य में अन्य हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए भी स्वदेशी समाधान तैयार होंगे।
बेंगलुरु में बुलेट ट्रेन निर्माण की शुरुआत भारत के रेलवे इतिहास में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है—जहां देश सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि हाई-स्पीड टेक्नोलॉजी का निर्माता भी बनेगा।




