राष्ट्रीय / आंध्र प्रदेश | ABC NATIONAL NEWS | अमरावती | 26 अप्रैल 2026
आंध्र प्रदेश में अचानक बढ़ी ‘पैनिक बाइंग’ की स्थिति ने पेट्रोल-डीजल आपूर्ति व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में लोग एक साथ ईंधन खरीदने के लिए पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े, जिससे आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया और हालात बिगड़ते चले गए। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, राज्य में 400 से अधिक पेट्रोल पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तुरंत उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि कृत्रिम संकट पैदा करने वालों और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत सामान्य करें।
अचानक बढ़ी मांग के पीछे अफवाहों की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली खबरों ने लोगों में डर पैदा कर दिया, जिसके चलते लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे। इससे कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक तेजी से खत्म हो गया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है और यह पूरी तरह अफवाहों से पैदा हुई स्थिति है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें।
उधर, जिला प्रशासन और पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों में आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में आपूर्ति तंत्र और अफवाह प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। सरकार अब न केवल ईंधन आपूर्ति को पटरी पर लाने में जुटी है, बल्कि ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने पर भी विचार कर रही है।




