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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्नाव रेप पीड़िता का दर्द, बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गंभीर आरोप

सुमन कुमार | नई दिल्ली 29 दिसंबर 2025

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक के आदेश के बाद उन्नाव रेप पीड़िता ने राहत की सांस तो ली, लेकिन उसके साथ ही उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी जताई है। पीड़िता ने मीडिया के सामने खुलकर कहा कि उसे और उसके पति को लगातार डराया जा रहा है और उनकी पहचान जानबूझकर उजागर की जा रही है। पीड़िता का कहना है कि गांव से उसकी और उसके पति की फोटो और वीडियो उठाकर सोशल मीडिया पर डाले जा रहे हैं, ताकि लोग जान सकें कि वे कौन हैं। उसका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोग उन्हें नुकसान पहुंचा सकें, यहां तक कि जान से मारने की धमकी जैसा माहौल बनाया जा रहा है। उसने सवाल उठाया कि अगर एक रेप पीड़िता को ही इस तरह डराया जाएगा तो यह किस तरह का न्याय है।

पीड़िता ने बताया कि उसके पति बेहद डरे हुए हैं। सोशल मीडिया के जरिए उनकी पहचान उजागर की जा रही है ताकि वह नौकरी न कर सकें और परिवार की रोजी-रोटी बंद हो जाए। उसने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि वह और उसका परिवार टूट जाए, हिम्मत हार जाए और आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाए।

पीड़िता ने साफ आरोप लगाया कि इन सबके पीछे बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह का हाथ है। उसका कहना है कि उसके पास सैकड़ों पन्नों के स्क्रीनशॉट हैं, जिनमें कुलदीप सिंह सेंगर को निर्दोष बताने और उसके परिवार को निशाना बनाने की बातें लिखी गई हैं। उसने कहा कि उसकी पहचान उजागर होने से उसकी जान, उसके पति की जान और उसके छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

पीड़िता ने भावुक होकर कहा कि अगर उसके पति को कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कुलदीप सिंह सेंगर, उसके परिवार, समर्थकों और सहयोगियों की होगी। उसने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले में तुरंत दखल दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि एक पीड़िता को दोबारा सजा न झेलनी पड़े। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या एक आम आदमी, खासकर एक पीड़िता, ताकतवर लोगों के सामने बिना डर के न्याय मांग सकती है या नहीं।

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