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Zepto का बेंगलुरु वेयरहाउस सील, खाने की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

होस्कोटे में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई; अस्वच्छ खाद्य सामग्री, गलत लेबलिंग और भ्रामक ब्रांडिंग समेत कई उल्लंघन मिलने का दावा

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बेंगलुरु | 12 अगस्त 2026

खाद्य सुरक्षा जांच में Zepto के वेयरहाउस पर कार्रवाई

बेंगलुरु के होस्कोटे इलाके में क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto से जुड़े एक वेयरहाउस को कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को सील कर दिया। यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा, भंडारण, लेबलिंग और हैंडलिंग की विशेष जांच के दौरान की गई। विभाग के अनुसार निरीक्षण में खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और भंडारण से जुड़े कथित उल्लंघनों के अलावा लेबलिंग और उत्पादों की ब्रांडिंग में भी कमियां पाई गईं।

अस्वच्छ खाद्य हैंडलिंग और स्टोरेज का आरोप

कर्नाटक फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) के आयुक्त की ओर से जारी बयान के अनुसार, निरीक्षण में अस्वच्छ खाद्य पदार्थ, गैर-अनुपालन वाली लेबलिंग, मिसब्रांडिंग तथा खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग और स्टोरेज से संबंधित उल्लंघन पाए गए। विभाग ने इन कमियों को Food Safety and Standards Act, 2006 और उससे जुड़े नियमों के संदर्भ में गंभीरता से लिया।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग ने केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। कथित तौर पर अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग और स्टोरेज पाए जाने के कारण वेयरहाउस को सील कर दिया गया।

वेयरहाउस को क्यों किया गया सील?

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, निरीक्षण का उद्देश्य यह जांचना था कि वेयरहाउस में रखे खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं, उनकी पैकेजिंग और लेबलिंग सही है या नहीं और उन्हें किस तरह संभाला तथा स्टोर किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सामने आई परिस्थितियों के आधार पर विभाग ने लागू FSSAI प्रावधानों के तहत परिसर को सील करने की कार्रवाई की।

विभाग ने वेयरहाउस को नोटिस भी जारी किया है और संबंधित कानून के तहत मामले को Adjudicating Officer के सामने ले जाने की सिफारिश की है।

Zepto ने कहा—जांच में पूरा सहयोग किया

सरकारी कार्रवाई के बाद Zepto की ओर से कहा गया कि कंपनी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, देशभर में खाद्य सुरक्षा विभागों की नियमित जांच होती रहती है और कंपनी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया।

कंपनी ने यह भी कहा कि अधिकारियों की ओर से दिए गए सुझावों और टिप्पणियों को संज्ञान में लिया गया है और संबंधित प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।

क्विक-कॉमर्स मॉडल में खाद्य सुरक्षा की बड़ी चुनौती

Zepto जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने कुछ ही मिनटों में किराना और खाद्य सामग्री घर पहुंचाने की व्यवस्था को तेजी से लोकप्रिय बनाया है। लेकिन इस मॉडल में एक महत्वपूर्ण सवाल पर्दे के पीछे रहता है—जिस रफ्तार से सामान ग्राहक तक पहुंचता है, क्या उसी रफ्तार से उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी भी होती है?

वेयरहाउस इस पूरी सप्लाई चेन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यहीं से खाद्य पदार्थ ग्राहकों तक भेजे जाते हैं। यदि स्टोरेज, तापमान नियंत्रण, स्वच्छता, पैकेजिंग या लेबलिंग में लापरवाही होती है तो उसका असर सीधे उपभोक्ता तक पहुंच सकता है।

बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा अभियान हुआ तेज

Zepto के वेयरहाउस पर कार्रवाई को बेंगलुरु में चल रहे व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। कर्नाटक का खाद्य सुरक्षा विभाग अब केवल होटल, रेस्टोरेंट और पब तक सीमित नहीं रह रहा, बल्कि खाद्य पदार्थों के स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों की भी जांच कर रहा है।

पहले की जांच में कुछ खाद्य भंडारण केंद्रों से करीब 70 किलो ऐसे सॉस मिलने की बात सामने आई थी जिनकी एक्सपायरी नजदीक थी। लगभग 10 लीटर ऐसे पेय पदार्थ भी पाए गए थे जिनकी एक्सपायरी करीब थी। अधिकारियों ने कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भी भेजे।

होटलों और रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई

बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान केवल वेयरहाउस तक सीमित नहीं है। शहर के होटल, रेस्टोरेंट और पब भी जांच के दायरे में हैं। 10 अगस्त की अलग कार्रवाई में अधिकारियों ने 132 किलो खाद्य सामग्री जब्त या नष्ट की और करीब 15 लीटर इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल नष्ट किया।

एक UB City प्रतिष्ठान में कथित तौर पर सड़ा हुआ चिकन और बीफ मिला, जबकि अन्य स्थानों पर बत्तख, मछली, हरी मटर और मशरूम जैसी खाद्य सामग्री को भी उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया।

सरकार का सख्त संदेश—नियम तोड़े तो कार्रवाई

कर्नाटक सरकार ने खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले Food Business Operators के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसका संकेत साफ है कि खाद्य सुरक्षा विभाग अब केवल तैयार भोजन बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच नहीं करेगा, बल्कि उस पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखेगा जहां खाद्य पदार्थ रखे, संभाले और ग्राहकों तक भेजे जाते हैं।

उपभोक्ता के लिए असली सवाल

इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऑनलाइन ऑर्डर किया गया खाद्य पदार्थ ग्राहक तक पहुंचने से पहले किन परिस्थितियों से गुजरता है। पैकेट पर सही लेबल होना, सही एक्सपायरी डेट होना और उत्पाद का उचित तापमान तथा स्वच्छ वातावरण में रखा जाना उपभोक्ता के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा हुआ है।

क्विक-कॉमर्स की रफ्तार निश्चित रूप से सुविधाजनक है, लेकिन कुछ मिनटों में डिलीवरी की कीमत खाद्य सुरक्षा से नहीं चुकाई जा सकती।

जांच पूरी होने तक आरोपों को अंतिम निष्कर्ष न माना जाए

यह भी महत्वपूर्ण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बताए गए उल्लंघन जांच और कानूनी प्रक्रिया का विषय हैं। वेयरहाउस सील किया जाना अपने आप में कंपनी या किसी व्यक्ति की आपराधिक दोषसिद्धि नहीं है। आगे विभाग की जांच, नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि किन प्रावधानों का उल्लंघन हुआ और उसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है।

खाद्य सुरक्षा के मामले में लापरवाही की कोई जगह नहीं हो सकती। ग्राहक के घर तक सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी केवल तेज डिलीवरी की नहीं, बल्कि सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ पहुंचाने की भी है।

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