एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली 11 जनवरी 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, जो एलन मस्क के स्वामित्व में है, एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला X के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट Grok से जुड़ा है। Grok के जरिए बनाए और फैलाए जा रहे आपत्तिजनक, अश्लील और कानून-विरोधी कंटेंट को लेकर भारत में जबरदस्त नाराज़गी सामने आई, जिसके बाद आखिरकार X को सख्त कदम उठाने पड़े। कंपनी ने 600 से अधिक अकाउंट स्थायी रूप से डिलीट कर दिए हैं और करीब 3500 पोस्ट को ब्लॉक किया गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब भारत सरकार ने साफ संकेत दे दिए थे कि अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का पालन नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को कई शिकायतें मिली थीं कि Grok के ज़रिए महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों से जुड़ी अश्लील और संवेदनशील सामग्री बनाई और साझा की जा रही है। सरकार का मानना था कि यह न सिर्फ सामाजिक रूप से खतरनाक है, बल्कि आईटी एक्ट और इंटरमीडियरी गाइडलाइंस का खुला उल्लंघन भी है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार की चेतावनी के बाद X की आंतरिक समीक्षा में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में अकाउंट जानबूझकर Grok का दुरुपयोग कर रहे थे। ऐसे अकाउंट्स न केवल आपत्तिजनक इमेज और टेक्स्ट बना रहे थे, बल्कि उन्हें तेजी से वायरल भी कर रहे थे। इसके बाद X ने कंटेंट मॉडरेशन को लेकर अपनी नीति पर दोबारा विचार किया और सख्त कदम उठाते हुए सैकड़ों अकाउंट हटाने और हजारों पोस्ट ब्लॉक करने का फैसला लिया।
X की तरफ से यह भी माना गया है कि Grok के शुरुआती चरण में कंटेंट कंट्रोल को लेकर गंभीर चूक हुई। कंपनी ने कहा कि AI टूल्स को पूरी आज़ादी देने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि वे स्थानीय कानूनों और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन न करें। X ने भरोसा दिलाया है कि आगे से भारत में लागू नियमों के अनुसार ही AI-जनित कंटेंट को अनुमति दी जाएगी और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि AI की आज़ादी और प्लेटफॉर्म की ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। जहां एक तरफ एलन मस्क खुद को फ्री स्पीच का सबसे बड़ा समर्थक बताते हैं, वहीं दूसरी तरफ Grok विवाद ने यह दिखा दिया कि बिना नियंत्रण के तकनीक समाज के लिए कितना नुकसानदेह हो सकती है। भारत सरकार का रुख इस मामले में साफ है—कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह दुनिया का सबसे बड़ा टेक अरबपति ही क्यों न हो। Grok विवाद के बाद X का यह एक्शन न सिर्फ एक सुधारात्मक कदम है, बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि भारत में काम करना है, तो भारत के कानून और सामाजिक संवेदनशीलता का सम्मान करना ही होगा।




