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मानसून की दिल्ली में हुई एंट्री, मुंबई में 24 घंटे में 205 मिमी बारिश; कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बेहाल

राष्ट्रीय/ मौसम/ पर्यावरण | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी रफ्तार में दिखाई दे रहा है। राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून ने सामान्य तिथि से पांच दिन की देरी से दस्तक दी और 2021 के बाद पहली बार जुलाई में मानसून का आगमन दर्ज किया गया। वहीं मुंबई में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। केवल 24 घंटों में जुहू इलाके में 205 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि शहर के कई हिस्सों में 200 मिमी से अधिक वर्षा हुई। लगातार हो रही बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, लोकल ट्रेनें प्रभावित हुईं और यातायात बुरी तरह बाधित रहा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों और शुक्रवार सुबह तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। तेज हवाओं और ऊंचे ज्वार की भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों, कमजोर इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

मानसून का असर केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को जन्म दिया है। उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई। अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से आई बाढ़ और भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई है। कई घर, पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

कर्नाटक के मंगलुरु में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं दक्षिण कन्नड़ जिले में अत्यधिक वर्षा को देखते हुए स्कूलों, प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश में भी मानसून ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिमला, मनाली, धर्मशाला और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, नदियां उफान पर हैं और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

दिल्ली में मानसून की पहली बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत तो दिलाई, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। राजधानी का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को लंबे समय बाद मौसम में राहत महसूस हुई।

राजस्थान में भी मानसून ने सात दिन की देरी से दस्तक दी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय हो जाएगा। कोटा, जयपुर, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

हालांकि देश के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन केरल जैसे राज्यों में स्थिति उलट है। वहां जून महीने में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई और जुलाई के लिए भी सामान्य से कम वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है। इससे खेती, जलाशयों और बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है। इडुक्की जलाशय में जल स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी नीचे पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 3 जुलाई को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से पूर्वी भारत और दक्षिण बंगाल में भारी बारिश हो सकती है।

देशभर में मानसून अब राहत और आफत—दोनों की तस्वीर पेश कर रहा है। कहीं बारिश गर्मी से राहत दे रही है तो कहीं बाढ़, भूस्खलन और जलभराव सामान्य जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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