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ECINET सॉफ्टवेयर पर जानकारी क्यों छिपा रहा चुनाव आयोग? कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

जयराम रमेश बोले—SIR में बड़े पैमाने पर केंद्रीकृत हेरफेर की सच्चाई सामने आने का डर; मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR तत्काल रोकने की मांग दोहराई

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 अक्टूबर 2026

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि आयोग इस सॉफ्टवेयर से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराने से बार-बार इनकार कर रहा है, क्योंकि इससे SIR प्रक्रिया में कथित तौर पर हुए बड़े पैमाने के केंद्रीकृत हेरफेर का खुलासा हो सकता है।

कांग्रेस ने रविवार, 25 अक्टूबर को अपनी मांग दोहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया को तत्काल निलंबित करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े सवालों का जवाब पारदर्शिता के साथ दिया जाना चाहिए।

जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

कांग्रेस के महासचिव और संचार, प्रचार एवं मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विवादित ECINET सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देने से बच रहा है। उनके अनुसार, यह सॉफ्टवेयर SIR प्रक्रिया के केंद्र में है और इससे संबंधित जानकारी सार्वजनिक होने पर पूरी प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

कांग्रेस ने SIR को विनाशकारी बताते हुए दावा किया कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर केंद्रीकृत हेरफेर हुआ है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग को सॉफ्टवेयर के कामकाज, डेटा के इस्तेमाल और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

हालांकि, SIR में हेरफेर होने और आयोग द्वारा जानकारी छिपाने के पीछे किसी विशेष उद्देश्य का दावा कांग्रेस के आरोपों पर आधारित है। उपलब्ध रिपोर्ट में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या चुनाव आयोग की ओर से इस दिन जारी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

क्या है ECINET सॉफ्टवेयर का विवाद?

ECINET चुनाव आयोग की डिजिटल व्यवस्था से जुड़ा सॉफ्टवेयर है। कांग्रेस इस बात पर सवाल उठा रही है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल किस तरह हो रहा है और इससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच किस प्रकार की जा सकती है।

मतदाता सूची में नाम जोड़ना, हटाना और विवरणों का सत्यापन सीधे नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ा है। इसलिए ऐसी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल सिस्टम के कामकाज और डेटा प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस की मांग है कि सॉफ्टवेयर से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह जांचा जा सके कि मतदाता सूची में बदलाव किस आधार पर किए गए और प्रक्रिया में उचित नियमों का पालन हुआ या नहीं।

SIR रोकने की मांग दोहराई

कांग्रेस ने कहा कि जब तक SIR से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।

विपक्ष का तर्क है कि मतदाता सूची में किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। इसी कारण कांग्रेस इस प्रक्रिया में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर और उसके जरिए किए जा रहे बदलावों की जांच पर जोर दे रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी फिर दोहराई। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का समाधान जरूरी है।

हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कांग्रेस का राजनीतिक रुख है। इस संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय की जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

अब पारदर्शिता पर टिकी नजरें

ECINET सॉफ्टवेयर को लेकर उठा विवाद चुनावी प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल और उसकी जवाबदेही से जुड़ा है। डिजिटल व्यवस्था से मतदाता सूची का प्रबंधन आसान हो सकता है, लेकिन उसके कामकाज की जांच और शिकायतों का समाधान भी उतना ही जरूरी है।

अब सवाल है कि चुनाव आयोग ECINET से जुड़ी जानकारी और SIR की प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का क्या जवाब देता है। कांग्रेस ने अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं—सॉफ्टवेयर से संबंधित जानकारी सामने लाई जाए, SIR रोका जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जाए। इन मांगों और आरोपों पर आगे की स्थिति आयोग की प्रतिक्रिया तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

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