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जहां अंधेरा था, वहां पहुंची उम्मीद की रोशनी! दीपावली पर झुग्गी बस्तियों के घरों में जले सोलर लैंप

एक हाथ सब साथ ट्रस्ट की अनूठी पहल: नेहरू प्लेस और श्रीनिवासपुरी में जरूरतमंद परिवारों को बांटे सोलर लैंप, संदेश दिया—दीपावली की खुशी तभी पूरी, जब रोशनी हर घर तक पहुंचे।

आस्था/ नई दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026

दीपावली पर हर घर रोशनी से जगमगाता है। बाजारों में चमक होती है, गलियों में दीप जलते हैं और घरों में खुशियां मनाई जाती हैं। लेकिन इसी शहर में कुछ ऐसे परिवार भी रहते हैं, जिनके लिए रोशनी आज भी एक बड़ी जरूरत है। रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए बिजली की परेशानी कई बार छोटी-छोटी खुशियों पर भी भारी पड़ती है।

इसी अंधेरे को थोड़ा कम करने और दीपावली की खुशियां समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश की है एक हाथ सब साथ ट्रस्ट ने। ट्रस्ट के ‘हर घर सौर रोशनी’ अभियान के तहत नेहरू प्लेस और श्रीनिवासपुरी की झुग्गी बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों को सोलर लैंप वितरित किए गए।

यह सिर्फ सोलर लैंप बांटने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन घरों तक उम्मीद पहुंचाने की एक छोटी-सी कोशिश थी, जहां संसाधनों की कमी के बीच भी परिवार अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने देखते हैं।

दीपावली की असली खुशी दूसरों के घर रोशन करने में

सोलर लैंप मिलने पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। जिन परिवारों को बिजली की अनियमित आपूर्ति और महंगे वैकल्पिक साधनों के कारण परेशानी होती है, उनके लिए ये लैंप उपयोगी साबित हो सकते हैं।

ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बस्तियों में रहने वाले श्रमिकों, महिलाओं और बच्चों से मुलाकात की। उनकी जरूरतों को समझा और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल के फायदे भी बताए।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल है। सूरज की रोशनी से चार्ज होने वाले ये लैंप परिवारों को रोशनी का एक वैकल्पिक साधन देते हैं और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।

कपिल नागर की सक्रिय भूमिका, राहुल सांवरिया का भावुक संदेश

इस अभियान को सफल बनाने में ट्रस्ट के ट्रस्टी कपिल नागर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सक्रिय सहयोग और समर्पण से सोलर लैंप वितरण का कार्य बेहतर ढंग से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर राहुल सांवरिया ने कहा, “दीपावली का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक है, जब खुशियों और रोशनी का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हमारा प्रयास है कि जरूरतमंद परिवारों के घरों में भी सौर ऊर्जा से उजाला हो और कोई भी परिवार संसाधनों के अभाव में अंधेरे में रहने को मजबूर न हो।”

उनका संदेश केवल एक सामाजिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। यह हमें याद दिलाता है कि त्योहारों की सार्थकता महंगे उपहारों और सजावट से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के जीवन में खुशियां बांटने से बढ़ती है।

एक छोटा कदम, बदलाव की बड़ी उम्मीद

एक हाथ सब साथ ट्रस्ट ने समाजसेवियों, दानदाताओं और जागरूक नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सौर ऊर्जा की यह रोशनी अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।

ट्रस्ट सामाजिक सेवा, जनकल्याण और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

इस पहल की सबसे खूबसूरत बात यही है कि किसी के घर में जलने वाला एक छोटा-सा सोलर लैंप भी किसी बच्चे की पढ़ाई में मदद कर सकता है, किसी मां को घरेलू काम में सहूलियत दे सकता है और किसी परिवार को अंधेरे से राहत दे सकता है।

दीपावली के असली संदेश को समझना हो तो शायद यही तस्वीर काफी है—एक तरफ जगमगाते बाजार और दूसरी तरफ किसी जरूरतमंद के घर में पहली बार अपनी सौर रोशनी का उजाला।

क्योंकि रोशनी की असली कीमत तब समझ आती है, जब वह उस घर तक पहुंचती है जहां उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

अभियान का संदेश: “इस दीपावली, हर घर सौर रोशनी — स्वच्छ ऊर्जा, उज्ज्वल भविष्य।”

सहयोग एवं संपर्क: 7532992481, 9560072323

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