राष्ट्रीय | मणिपुर | ABC NATIONAL NEWS | इंफाल/गुवाहाटी | 3 जुलाई 2026
मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच हिंसा एक बार फिर भड़क उठी है। गुरुवार तड़के राज्य के नॉनी जिले में एक कुकी बहुल गांव पर हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया और कई घरों में आग लगा दी। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की नाजुक सुरक्षा स्थिति और जातीय तनाव को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 5 बजे नॉनी जिले के लेइकोट कुकी गांव पर सशस्त्र हमलावरों ने धावा बोल दिया। हमले के दौरान गांव के कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरा गांव राख में तब्दील हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे।
कुकी इंपी (Kuki Inpi), जो जिरीबाम, तमेंगलोंग और नॉनी जिलों का शीर्ष सामाजिक संगठन है, ने आरोप लगाया है कि यह हमला नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (NSCN) के संदिग्ध सदस्यों ने किया। संगठन का कहना है कि यह हमला पूरी तरह “बिना किसी उकसावे” के किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित संगठन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब 1 जुलाई को भारत-म्यांमार सीमा से लगे कामजोंग जिले में भी कुकी और नागा समुदाय के गांवों पर हमलों की घटनाएं सामने आई थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने संकेत दिए हैं कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में जातीय तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों को इलाके में तैनात कर दिया गया है। पुलिस और अन्य एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने और हालात पर नियंत्रण पाने के लिए तलाशी अभियान चला रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
मणिपुर पिछले कई वर्षों से जातीय हिंसा, उग्रवाद और सामुदायिक तनाव की चुनौती से जूझ रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार शांति बहाल करने के प्रयास कर रही हैं, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाली हिंसक घटनाएं इन प्रयासों को झटका देती रही हैं।
फिलहाल इस हमले में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गांव को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों की तलाश जारी है।
मणिपुर में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि राज्य में स्थायी शांति के लिए केवल सुरक्षा कार्रवाई ही नहीं, बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली और संवाद की प्रक्रिया को भी मजबूत करना होगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।



