राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नागपुर | 22 अक्टूबर 2026
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर प्यारे खान की नियुक्ति को लेकर नागपुर में विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास के बाहर शनिवार को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। दोनों संगठनों का आरोप है कि प्यारे खान को इस पद तक पहुंचाने में राजनीतिक संरक्षण की भूमिका रही है। यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के साथ नितिन गडकरी का राजनीतिक गढ़ भी है।
VHP और बजरंग दल ने जताई नाराजगी
रिपोर्ट के अनुसार, VHP और बजरंग दल प्यारे खान की नियुक्ति के खिलाफ अपना विरोध तेज करने की तैयारी में हैं। संगठनों ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए संबंधित राजनीतिक नेतृत्व से जवाब मांगा है। उनका आरोप है कि प्यारे खान को राजनीतिक संरक्षण के कारण यह पद मिला। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नियुक्ति प्रक्रिया में किसी अनियमितता का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
नितिन गडकरी के आवास पर प्रदर्शन की घोषणा
दोनों संगठनों ने शनिवार को नागपुर के महल इलाके में स्थित नितिन गडकरी के आवास ‘गडकरी वाड़ा’ के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसी इलाके में RSS का मुख्यालय भी स्थित है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्यारे खान की नियुक्ति में गडकरी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका रही है। ऐसे में उनके आवास के बाहर प्रदर्शन की घोषणा को संगठनों की विरोध रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
अल्पसंख्यक आयोग की भूमिका पर चर्चा
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों, शिकायतों और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम करता है। आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने चयन प्रक्रिया और राजनीतिक प्रभाव के सवालों को चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार और संबंधित पक्ष इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं तथा शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान क्या घटनाक्रम सामने आता है।



