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ममता बनर्जी के घर से सुरक्षा हटाने पर घमासान, कीर्ति आज़ाद ने उठाए गंभीर सवाल

राष्ट्रीय | अरिंदम बनर्जी | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता/नई दिल्ली | 19 जून 2026

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर से सुरक्षा कर्मियों को हटाए जाने की खबर ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कीर्ति आज़ाद ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं तथा इसे “प्रतिशोध की राजनीति” करार दिया है।

कीर्ति आज़ाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पूछा कि आखिर ममता बनर्जी के आवास से सुरक्षा हटाने के पीछे क्या मंशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल सुरक्षा कर्मियों को ही नहीं हटाया गया, बल्कि परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी सफेद टेप से ढक दिया गया है। उनके अनुसार यह घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

तृणमूल सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी तीन बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और केंद्र सरकार में भी छह बार कैबिनेट मंत्री का दायित्व निभा चुकी हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़े किसी भी फैसले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश का मीडिया इस मामले को गंभीरता से उठाएगा और एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर जवाब मांगेगा।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया है कि कालीघाट स्थित आवास के बाहर तैनात सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है तथा कुछ सीसीटीवी कैमरों को ढका गया है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या सुरक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को लेकर दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। वहीं बीजेपी नेताओं ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ममता बनर्जी देश की प्रमुख विपक्षी नेताओं में गिनी जाती हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए यह मामला केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं माना जा रहा। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के प्रति सरकार के रवैये से जोड़कर देख रहा है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ममता बनर्जी के आवास की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव क्यों किया गया और सीसीटीवी कैमरों को ढकने के दावों की सच्चाई क्या है। जब तक संबंधित एजेंसियां आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देतीं, तब तक यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और अटकलों का विषय बना रहेगा।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को संसद और अन्य लोकतांत्रिक मंचों पर भी उठा सकती है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का कारण बन सकता है।

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