ओपिनियन | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 अप्रैल 2026
कल्पना कीजिए – लोकसभा का स्पीकर, जो सदन का सबसे ऊँचा पद माना जाता है, प्रधानमंत्री से भी ऊपर का दर्जा रखता है, जिसे ‘सभापति’ कहकर संबोधित किया जाता है, वही स्पीकर गृह मंत्री के सामने ‘रिपोर्टिंग’ वाली कुर्सी पर बैठा हो। और वह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हो। यह कोई फिल्मी सीन नहीं। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल खारिज होने के बाद वायरल हुई एक तस्वीर है। एक ऐसा बिल जो लाया गया था परिसीमन के लिए और चोला पहनाया गया था महिला के नाम का। बहरहाल, जो तस्वीर आई है वो बेहद ही शर्मनाक और चौंकाने वाली है इसमें गृह मंत्री अमित शाह संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ‘क्लास’ लेते दिख रहे हैं। स्पीकर साहब रिपोर्टिंग मोड में हैं। जैसे कह रहे हों ओम बिरला रिपोर्टिंग सर… यह दृश्य देखकर मन में जो पहला सवाल उठता है – क्या लोकसभा स्पीकर का पद अब सिर्फ नाम का रह गया है?
संविधान में स्पीकर की भूमिका निष्पक्षता की मिसाल मानी गई है। वह सदन की गरिमा का रक्षक होता है। विपक्ष हो या सत्ता पक्ष, दोनों के बीच बराबरी का बर्ताव करना उसका धर्म है। लेकिन जब स्पीकर खुद गृह मंत्री के केबिन में रिपोर्टिंग करता नजर आए, तो यह न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि निंदनीय भी।
पहले ओम बिरला जी विपक्ष के साथ पक्षपात करते दिखते थे, अब सत्ता के सामने घुटने टेकते भी नजर आ रहे हैं। पहले तो कहते थे कि स्पीकर का पद संवैधानिक है, अब लगता है कि वह पद सिर्फ कुर्सी भर रह गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है – गृह मंत्री के दफ्तर में हुई इस अहम मीटिंग की तस्वीर ‘लीक’ कैसे हो गई? इतनी संवेदनशील बैठक की फोटो बाहर कैसे आई? क्या यह जानबूझकर लीक की गई या फिर सिस्टम में ही इतनी ढील है कि अब मंत्रियों के केबिन की तस्वीरें भी वायरल हो जाती हैं? वजह जो भी हो, यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। क्योंकि इससे साफ संदेश जाता है कि स्पीकर सरकार के इशारे पर नाच रहा है। निष्पक्षता कहाँ गई? सदन की गरिमा कहाँ गई? ओम बिरला तो ऐसे ही बदनाम रहे हैं अपने पक्षपाती रवैए से… और तस्वीर में खुले तौर पर हकीकत सामने आ चुकी है।
यह स्थिति न सिर्फ दयनीय है, बल्कि तानाशाही की ओर इशारा करती है। जब सदन का सबसे ऊँचा पद सत्ता के सामने झुकता दिखे, तो आम आदमी क्या सोचेगा? कि लोकतंत्र अब सिर्फ दिखावा है?
कोई तो मुंह खोले!! संसद की गरिमा बनाए रखने का दावा करने वाले लोग अब खुद इस गरिमा को तार-तार कर रहे हैं। ओम बिरला जी, आप सभापति हैं – प्रधानमंत्री से भी ऊपर। लेकिन जब आप गृह मंत्री के सामने रिपोर्टिंग मोड में नजर आते हैं, तो न सिर्फ आपकी गरिमा गिरती है, बल्कि पूरे लोकसभा सदन की गरिमा गिरती है। देश देख रहा है। और इतिहास भी याद रखेगा।




